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भारत को वैश्विक महाशक्ति बनायेंगे अभिनव स्टार्ट-अप

नयी दिल्ली। केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्वदेशी नवाचार के साथ स्थायी स्टार्ट-अप के निर्माण पर जोर दिया है। डॉ. सिंह ने कहा-25 वर्षों के बाद भारत जब अपनी स्वाधीनता के 100 साल पूर्ण करेगा, तब तक देश को विश्व के अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए युवा उद्यमियों द्वारा संचालित अभिनव स्टार्ट-अप्स को जिम्मेदारी लेनी होगी। वे असम के जोरहाट में आइकॉनिक 75 इंडस्ट्री कनेक्ट (आई-कनेक्ट) के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।

उत्पादों को ब्रांड बनाना होगा

उन्होंने विश्व स्तरीय उत्पाद बनाने से लेकर उन्हें बाजार तक पहुँचाने हेतु अनुसंधान एवं विकास में उद्योग जगत से सार्थक निवेश के लिए आग्रह किया। उन्होंने भारतीय और विश्व बाजारों में अपनी जगह बनाने के लिए उत्पादों के ब्रांड निर्माण की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। गवर्नमेंट-इंडस्ट्री कनेक्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए, डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा-प्रतिष्ठित आइकॉनिक 75 इंडस्ट्री कनेक्ट (आई-कनेक्ट) के आयोजन का उद्देश्य 10 फोकस क्षेत्रों में उद्योग के साथ साझेदारी बनाना है। आई-कनेक्ट उद्योगों तक पहुँचने के लिए भारत सरकार के DSIR, CSIR, DBT, DST, MOES और अन्य वैज्ञानिक विभागों का एक समेकित प्रयास है।

पूर्वोत्तर का विकास प्राथमिकता

डॉ. सिंह ने कहा, असम के जोरहाट से आई-कनेक्ट श्रृंखला शुरू करने का कारण पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए प्रधानमंत्री की उच्च प्राथमिकता है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में ही प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि सरकार की प्राथमिकता उत्तर-पूर्व, जम्मू-कश्मीर और अन्य पहाड़ी राज्यों और द्वीप क्षेत्रों के अविकसित क्षेत्रों को देश के विकसित क्षेत्र के बराबर लाना है। केंद्रीय मंत्री ने आशा व्यक्त की कि पूर्वोत्तर क्षेत्र अपनी समृद्ध जैव-विविधता और विशाल बाँस संसाधनों के कारणभविष्य के स्टार्ट-अप, उद्यमिता और नये निवेश का गंतव्य बनकर उभरने की क्षमता रखता है।

इनोवेशन इंडेक्स में भारत का कद बढ़ा

नीति आयोग के सदस्य डॉ वी.के. सारस्वत ने कहा कि पिछले 7-8 वर्षों में भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 85वें से 47वें स्थान पर पहुँच गया है और इससे देश में स्टार्ट-अप संस्कृति में एक बड़ा सांस्कृतिक बदलाव हुआ है। हम इनोवेशन इको-सिस्टम में अधिक से अधिक उद्योग लाकर इनोवेशन इंडेक्स में और छलांग लगा सकते हैं।

इंडिया साइंस वायर से साभार

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