स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार / News

मेडिकल क्षेत्र में कमाल, नाक के रास्ते निकाला ब्रेन ट्यूमर

मेडिकल क्षेत्र में कमाल, नाक के रास्ते निकाला ब्रेन ट्यूमर

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। मेडिकल क्षेत्र में कई चमत्कार भी हो जाता है जिसकी गूंज चारो ओर फैल जाती है। ऐसा दो मामला उत्तर प्रदेश में हुआ है जिसे पढ़कर एक बार फिर आप डॉक्टर को भगवान मानने को मजबूर होंगे।

पहला मामला प्रयागराज का

हुआ यूं कि पूर्वी चंपारण के निवासी प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डॉ. प्रकाश खेतान ने प्रयागराज स्थित अपने निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में नाक के रास्ते एंडोस्कोपिक विधि से ब्रेन ट्यूमर निकालने में सफलता हासिल की है। खास बात यह है कि इस जटिल ऑपरेशन में मरीज का मस्तिष्क खोले बिना नाक के रास्ते दूरबीन डालकर ट्यूमर निकाला गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की जा चुकी आंखों की रोशनी पूरी तरह लौट आई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम के साथ उन्होंने एंडोस्कोपिक ट्रांसनेजल ट्रांसफेनाइडल सेलर सुप्रासेलर पिट्यूटरी मैक्रोएडेनोमा का सफल आपरेशन किया। मरीज विजया कुमारी की पिट्यूटरी ग्रंथि में मौजूद ट्यूमर काफी बड़ा हो चुका था। इसके दबाव के कारण उसकी अआंख की रोशनी लगातार प्रभावित हो रही थी। इसे बेहद जटिल स्थिति माना जाता है। इस तकनीक में सिर की हड्डी खोलने के बजाय नाक के रास्ते एंडोस्कोप के माध्यम से ट्यूमर तक पहुंच बनाई जाती है। इससे मस्तिष्क को खोलने की आवश्यकता नहीं पड़ती। ऑपरेशन के बाद मरीज की दृष्टि लौटना इस सर्जरी की बड़ी सफलता मानी जा रही है। नैसीपुर, प्रयागराज निवासी मरीज विजया कुमारी के पति विजय बहादुर ने आपरेशन के बाद डॉ. खेतान के प्रति आभार जताते हुए कहा, “डॉ. खेतान हमारे लिए भगवान हैं। उन्होंने मेरे परिवार को बचा लिया।”

अपेक्षाकृत कम खर्च में ऑपरेशन

बताया गया है कि कॉरपोरेट अस्पतालों में इस तरह की जटिल सर्जरी पर करीब 15 से 20 लाख रुपये तक खर्च आता है। डॉ. खेतान ने यह ऑपरेशन अत्यंत कम खर्च में सफलतापूर्वक किया। उनकी इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने फोन कर बधाई दी। कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। डॉ. प्रकाश खेतान का नाम सबसे बड़े ब्रेन ट्यूमर को निकालने समेत कई जटिल ऑपरेशनों के लिए पहले से ही गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज है। लिम्का बुक सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकार्ड भी उनके नाम हैं।

7 माह के शिशु की रोबोटिक सर्जरी

ऐसा दूसरा कमाल भी यूपी में ही हुआ। लखनऊ के संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) में डॉक्टरों ने महज 7 महीने के दो शिशुओं के दुर्लभ लिवर कैंसर का सफल रोबोटिक ऑपरेशन किया। दोनों बच्चे हेपेटोब्लास्टोमा से पीड़ित थे, जो बच्चों में होने वाला एक प्रकार का लिवर कैंसर है। डॉक्टरों के मुताबिक इतनी कम उम्र के बच्चों में देश में पहली बार इस तरह की रोबोटिक सर्जरी की गई। पहला बच्चा करीब 5 किलो वजन का था जिसकी सर्जरी 5 सितंबर को की गई। वहीं दूसरी बच्ची का वजन लगभग 6 किलो था और उसका ऑपरेशन 3 अक्टूबर को हुआ। दोनों बच्चों को पहले कीमोथेरेपी दी गई, जिसके बाद रोबोटिक तकनीक से लिवर के कैंसरग्रस्त हिस्से को निकाला गया। दोनों सर्जरी में कुल मिलाकर करीब 8 घंटे लगे। फिलहाल दोनों की आगे की कीमोथेरेपी जारी है। इस जटिल इलाज में पीडियाट्रिक सर्जरी, एनेस्थीसिया, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और रेडियोडायग्नोसिस समेत कई विभागों की टीम शामिल रही।

Related posts

बिहार के दूसरे एम्स का दरभंगा में हुआ शिलान्यास

admin

आयुष क्षेत्र में जैव प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए होगी साझेदारी

admin

बहाल हुए हरियाणा के निष्कासित एनएचएम कर्मी

Ashutosh Kumar Singh

Leave a Comment