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अब जब चाहेंगे तब होगी बारिश, मौसम रहेगा काबू में

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। अब तक मौसम की लगाम प्रकृति के हाथ में रहती आयी है। कभी सूखा तो कभी बाढ़। कभी रेगिस्ताल में बाढ़ तो कभी गर्मी से फट जाए धरती का सीना। ये सब भले चलते रहें लेकिन ऐसी तकनीक पर काम हो रहा है जिससे वक्त पर आप बारिश से खेतों को हराभरा रख सकते हैं। यह कमाल होगा भारतीय मौसम वैज्ञानिकों के प्रयास से। बस कुछ साल का इंतजार।

बरस रहे पानी को भी रोकना होगा संभव

मिशन मौसम के लॉन्च होने पर अब बारिश या फिर सूखे से किसी को परेशान नहीं होना पड़ेगा। झटके में आसमान से गिर रहे पानी को कंट्रोल किया जा सकेगा। किसी भी विशेष क्षेत्र में बारिश को कंट्रोल किया जा सकता है। मसलन अगर 15 अगस्त को लाल किले पर झंडा फहराना हो और बारिश हो रही है तो इस तकनीक की मदद से वैज्ञानिक बारिश को रोकने में सक्षम होंगे। वहीं, किसी क्षेत्र में बाढ़ से निपटने के लिए बारिश कंट्रोल किया जा सकेगा।

रोका जा सकेगा ओलावृष्टि को भी

हाल ही पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम रविचंद्रन ने बताया था कि अगले 5 सालों में हम बाढ़ के दौरान शहरों में बारिश या ओलावृष्टि को रोक सकते हैं। हम पहले कृत्रिम वर्षा के रोकने और बढ़ाने पर प्रयोग करेंगे। अगले 18 महीनों में लैब सिमुलेशन किए जाएंगे, लेकिन हम निश्चित रूप से पांच साल में कृत्रिम मौसम में संशोधन करने में सक्षम हो जाएंगे। ऐसा कैबिनेट से मंजूरी मिलने और फंड आने से संभव होनेे वाला है जो मिल गया है।

मौसम के प्रति तैयार बनेगा भारत

तैयारी के मुताबिक इस मिशन का उद्देश्य भारत को जलवायु के प्रति स्मार्ट और मौसम के प्रति तैयार बनाना है ताकि बादल फटने सहित किसी भी खतरनाक मौसमी घटना ना हो जाए। इस मिशन के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग और अन्य वैज्ञानिक संस्थान एप्लिकेशन मौसम GPT भी विकसित और लॉन्च करेंगे। यूजर्स को अगले पांच वर्षों में लिखित और ऑडियो दोनों रूपों में मौसम से संबंधित सटीक जानकारी मिल सकेगी। अब वक्त आ गया है कि मौसम परिवर्तन पर शोध शुरू कर देना चाहिए।

यह भी देखें-https://www.swasthbharat.in/mission-mausam-will-make-india-a-climate-smart-country/

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