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25  सितंबर से शुरू होगा प्रधानमंत्री आरोग्य अभियान, प्रधानमंत्री ने लाल किले के प्राचीर से की घोषणा

जब मैं आयुष्‍मान भारत की बात करता था,  दस करोड़ परिवार यानी 50 करोड़ जनसंख्या। बहुत कम लोगों को अंदाज होगा कितनी बड़ी योजना है। अगर मैं अमेरिका, कैनेडा और मैक्सिको की जनसंख्या मिला लूं, तो करीब करीब इतने लाभार्थी आयुष्‍मान भारत योजना में हैं। अगर, मैं पूरे यूरोप की जनसंख्या गिन लूं, करीब-करीब उतनी ही जनसंख्या भारत में इस आयुष्‍मान भारत के लाभार्थी बनने वाले हैं।प्रधानमंत्री के शब्द

धीप्रज्ञ द्विवेदी
नई दिल्ली/16.8.18
आयुष्मान भारत को लागू करने के लिए भारत सरकार अगले महीने 25 सितंबर से प्रधानमंत्री आरोग्य अभियान शुरू करने जा रही है। इस बात की घोषणा प्रधानमंत्री ने लाल किले के प्राचीर से की। प्रधानमंत्री ने कहा कि, ‘देश के गरीब से गरीब व्‍यक्ति को, सामान्‍य जन को, आरोग्‍य की सुविधा मिले, इसलिए गंभीर बीमारियों के लिए और बड़े अस्‍पतालों में सामान्‍य मानव को भी आरोग्‍य की सुविधा मिले, मुफ्त में मिले और इसलिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री जनआरोग्‍य अभियान प्रारंभ करने का तय किया है। ये प्रधानमंत्री जनअरोग्‍य अभियान के तहत आयुष्मान भारत योजना के तहत, इस देश के 10 करोड़ परिवार, ये प्रारंभिक है, आने वाले दिनों में निम्‍न मध्‍यम वर्ग, मध्‍यम वर्ग, उच्‍च मध्‍यम वर्ग को भी इसका लाभ मिलने वाला है। इसलिए 10 करोड़ परिवारों को, यानी करीब-करीब 50 करोड़ नागरिक, हर परिवार को 5 लाख रुपया सालाना, स्वास्थ्य बीमा देने की योजना है। ये हम इस देश को देने वाले हैं। ये तकनीक संचालित व्‍यवस्‍था है, पारदर्शिता पर बल हो, किसी सामान्‍य व्‍यक्ति को ये अवसर पाने में दिक्‍कत न हो, रुकावट न हो इसमें तकनीक का सहयोग बहुत महत्‍वपूर्ण है। इसके लिए तकनीक के टूल बने हैं।’
25  सिंतबंर से लागू होगा प्रधानमंत्री आरोग्य अभियान
उन्होंने  आगे कहा कि, ‘15 अगस्‍त से आने वाले 4-5-6 सप्‍ताह में देश के अलग-अलग कोने में इस टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग शुरू हो रहा है और फुलप्रूफ बनाने की दिशा में यह प्रयास चल रहा है और फिर इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए 25 सितंबर पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय की जन्म जयंती पर पूरे देश में ये प्रधानमंत्री जनआरोग्य अभियान लॉन्च कर दिया जाएगा और उसका परिणाम ये होने वाला है कि देश के गरीब व्यक्ति को अब बीमारी के संकट से जूझना नहीं पड़ेगा। उसको साहूकार से पैसा ब्याज पर नहीं लेना पड़ेगा। उसका परिवार तबाह नहीं हो जाएगा। और देश में भी मध्यमवर्गीय परिवारों के लिये, नौजवानों के लिये आरोग्य के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे। टीयर 2 टीयर 3 सिटीज में नए अस्पताल बनेंगे। बहुत बड़ी संख्‍या में मेडिकल स्टाफ लगेगा। बहुत बड़े रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
उन्होंने आगे कहा कि, ‘भाइयों-बहनों, कोई ग़रीब, ग़रीबी में जीना नहीं चाहता है। कोई ग़रीब, ग़रीबी में मरना नहीं चाहता है। कोई ग़रीब अपने बच्चों को विरासत में ग़रीबी देकर के जाना नहीं चाहता है। वो छटपटा रहा होता है कि ज़िन्दगी भर ग़रीबी से बाहर निकलने के लिये और इस संकट से बाहर आने के लिये ग़रीब को सशक्त बनाना यही उपचार है, यही उपाय है। हमने पिछले चार साल में ग़रीब को सशक्त बनाने की दिशा में बल दिया है। हमारा प्रयास रहा है ग़रीब सशक्त हो और अभी-अभी एक अंतरराष्ट्रीय संस्था ने एक बहुत अच्छी रिपोर्ट निकाली है। उन्होंने कहा है कि पिछले दो वर्ष में भारत में पांच करोड़ ग़रीब, ग़रीबी की रेखा से बाहर आ गए हैं।’
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि, भाइयों-बहनों, जब ग़रीब के सशक्तिकरण का काम करते हैं, और जब मैं आयुष्‍मान भारत की बात करता था,  दस करोड़ परिवार यानी 50 करोड़ जनसंख्या। बहुत कम लोगों को अंदाज होगा कितनी बड़ी योजना है। अगर मैं अमेरिका, कैनेडा और मैक्सिको की जनसंख्या मिला लूं, तो करीब करीब इतने लाभार्थी आयुष्‍मान भारत योजना में हैं। अगर, मैं पूरे यूरोप की जनसंख्या गिन लूं, करीब-करीब उतनी ही जनसंख्या भारत में इस आयुष्‍मान भारत के लाभार्थी बनने वाले हैं।’
 
 

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