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विज्ञान पुरस्कारों को युक्तिसंगत बनाने से बढ़ेगा वैज्ञानिकों का मनोबल

नयी दिल्ली। सभी मंत्रालयों को भारत सरकार द्वारा प्रदान किये जाने वाले पुरस्कारों की संपूर्ण पारिस्थितिकी प्रणाली बदलने के लिए अपने सभी पुरस्कारों की समीक्षा, युक्तिकरण और पुनः संयोजन करने के लिए कहा गया है। इस दिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा प्रदान किये जाने वाले 200 पुरस्कारों का युक्तिकरण किया जा रहा है। पुरस्कार प्रदान करने की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाने, प्रभावी उद्देश्य प्राप्त करने तथा बेहतर दक्षता लाने के लिए यह पहल की गई है।

पारदर्शिता और दक्षता पर फोकस

केंद्र सरकार का कहना है कि डीएसटी द्वारा प्रदान किये जाने वाले पुरस्कारों के युक्तिकरण और चुनिंदा पुरस्कारों को समाप्त करने का व्यापक उद्देश्य है। इसमें दोहरेपन से बचाव, अधिक से अधिक उद्देश्यपरकता प्राप्त करना और पारदर्शिता एवं दक्षता लाना शामिल है।

वैज्ञानिक समुदाय का मनोबल भी बढ़ेगा

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कि इनमें से कुछ पुरस्कार विभिन्न एजेंसियों द्वारा अपर्याप्त दिशा-निर्देशों, मनमानी पात्रता, मूल्यांकन और चयन मानदंडों के माध्यम से चलाये जा रहे थे। अब इस कदम से मौजूदा पुरस्कारों की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और पुरस्कारों के युक्तिकरण से वैज्ञानिक समुदाय का मनोबल भी बढ़ेगा। पुरस्कारों की चयन प्रकिया में पारदर्शिता आएगी और इसका मानकीकरण होगा।

इंडिया साइंस वायर से साभार

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