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सार्थक चर्चा के साथ स्वास्थ्य चिंतन शिविर संपन्न

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। देहरादून में दो दिनों का स्वास्थ्य चिंतन शिविर इस उम्मीद के साथ समाप्त हो गया कि इसके निष्कर्ष समाज के अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य को हासिल करने में सहायक होगा। शिविर में भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र का विस्तृत अवलोकन किया गया जिससे आगे बढ़ने की दिशा मिली।

निक्षय मित्र का टीबी उन्मूलन में अहम रोल

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने टीबी मुक्त भारत अभियान पर कहा कि लोक भागीदारी देश में टीबी को खत्म करने के लिए एक बहुत ही आवश्यक है। इसके प्रति हमारा दृष्टिकोण स्वास्थ्य देखभाल के प्रति भारतीय दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। मैं लोगों से निक्षय मित्र बनने के लिए आगे आने का आग्रह करता हूं, क्योंकि यह भारत को टीबी मुक्त बनाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने राज्यों से टीबी उन्मूलन को प्राथमिकता देने व इसमें और अधिक गति लाने का अनुरोध किया। उन्होंने राज्यों से विकलांगता प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाकर देश की दिव्यांग आबादी की सहायता करने का भी आग्रह किया।

स्वास्थ्य सेवा के लिए प्रतिमान बने

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने स्वास्थ्य चिंतन शिविर में कहा कि पिछले दो दिनों में मिली जानकारी ने स्वास्थ्य सेवा के लिए एक समग्र प्रतिमान का सृजन किया है और यह बहुत आवश्यक है कि आज हम जो प्रस्ताव पारित करते हैं, इसे क्रियान्वित किया जाए, जिससे निर्धारित किए गए लक्ष्यों को अगले वर्ष तक पूरा किया जा सके। दूसरे दिन आयुष्मान भव, राष्ट्रीय तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम, खसरा और रूबेला उन्मूलन तथा PCPNDT अधिनियम से लेकर वर्तमान भारत के स्वास्थ्य सेवा के विभिन्न पहलुओं पर सत्र आयोजित किए गए।

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