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जब COP 28 में गूंजी भारतीय बच्ची की आवाज

अजय वर्मा

नयी दिल्ली। मणिपुर की 12 वर्षीय क्लाइमेंट एक्टिविस्ट लिसिप्रिया कंगुजम ने वह कर दिखाया जो कभी ग्रेटा थनबर्ग किया करती थी। उसने दुबई में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन 2023 (COP 28) में मंच से ‘फॉसिल फ्यूल समाप्त करें, हमारे ग्रह और हमारे भविष्य को बचाएं’ लिखी तख्ती लहरा कर दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया।

भाषण छोटा लेकिन खूब बजीं तालियां

इसने राष्ट्राध्यक्षों से भरे मंच पर दौड़ने के बाद फॉसिल फ्यूल के उपयोग का विरोध करते हुए एक छोटा भाषण दिया, जिसके बाद दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। COP 28 के डायरेक्टर जनरल अम्बेस्डर माजिद अल सुवेदी ने भी इसकी तारीफ की। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर बाल एक्टिविस्टों में पहले ग्रेटा थनबर्ग का भी नाम आता था। लिसिप्रिया कंगुजम ने COP की पिछली बैठकों में भी भाग लेकर अपनी बात रखी थी।

फॉसिल फ्यूल एक प्रमुख कारण

लिसिप्रिया कंगुजम ने घटना का वीडियो X पर पोस्ट किया और कहा कि इस विरोध के बाद उन्होंने मुझे 30 मिनट से अधिक समय तक हिरासत में रखा और COP 28 से बाहर कर दिया। मेरा एकमात्र अपराध फॉसिल फ्यूल को चरणबद्ध तरीके से बंद करने के लिए कहना है, जो आज जलवायु संकट का प्रमुख कारण है। X पर एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि फॉसिल फ्यूल के विरोध के लिए मेरा बैज बंद करने का क्या कारण है? यदि आप वास्तव में फॉसिल फ्यूल के खिलाफ खड़े हैं, तो आपको मेरा समर्थन करना चाहिए और आपको तुरंत मेरा बैज जारी करना चाहिए। यह संयुक्त राष्ट्र परिसर में बाल अधिकारों का घोर उल्लंघन और दुरुपयोग है जो संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांत के खिलाफ है। मुझे संयुक्त राष्ट्र में अपनी आवाज उठाने का अधिकार है।

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