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क्यों जरूरी है स्वस्थ भारत यात्रा-2

नमस्कार मित्रो,

आपको विदित है कि विगत 7 वर्षों से ‘स्वस्थ भारत अभियान’ के अंतर्गत हमलोग स्वास्थ्य जागरुकता की दिशा में स‍क्रि‍य हैं। ‘कंट्रोल मेडिसिन मैक्सिमम् रिटेल प्राइस’, ‘जेनरिक लाइए पैसा बचाइए’, ‘नो योर मेडिसिन’, तुलसी लगाइए रोग भगाइए’, ‘नो योर डॉक्टर नो योर फार्मासिस्ट’ एवं ‘स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज’ सहित दर्जनों जागरुकता अभियानों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत एवं जागरूक करने का हमने प्रयास किया है।

‘स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज’ विषय पर हमने 2017 में देशव्यापी स्वस्थ भारत यात्रा की। इस दौरान लाखों बालिकाओं से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर बालिका स्वास्थ्य के मसले को एक दिशा एवं गति देने का काम हमने सार्थक प्रयास किया है।

इसी कड़ी में एक बार फिर से हम स्वस्थ भारत यात्रा-2 लेकर आ रहे हैं। इस बार का ध्येय वाक्य है- ‘स्वस्थ भारत के तीन आयाम जनऔषधि, पोषण और आयुष्मान’। हमारा मानना है कि भारत जैसे देश में जहां पर महंगी दवाइयों के कारण करोड़ों लोग गरीबी रेखा के नीचे चले जा रहे हैं, वहां पर सस्ती दवाइयों की उपलब्धता बहुत जरूरी है। इसी जरूरत को ध्यान में रखकर हमने इस यात्रा के ध्येय वाक्य में जनऔषधि शब्द को जोड़ा है। सबको समुचित पोषण मिले, यह बहुत जरूरी है। देखने में यह आया है कि ‘पोषण’ को लेकर भी लोगों के मन में तमाम तरह की भ्रांतियां हैं। इन भ्रांतियों को दूर करना एवं स्वस्थ रहने के लिए स्वस्थ भोजन के तौर-तरीकों के बारे में लोगों को बताना हम जरूरी समझते हैं। इस पर सार्वजनिक मंचों पर चर्चा-परिचर्चा जरूरी है। ध्यान रहे कि पोषण की कमी की वजह से भारत सहित पूरे एशिया की जीडीपी में 11 फीसद प्रति वर्ष कमी दर्ज की जाती है। यूनीसेफ साउथ एशिया प्रोग्रेस रिपोर्ट-2016 के अनुसार, भारत में कुपोषण के कारण प्रत्येक वर्ष लगभग 5 लाख मौतें दर्ज होती हैं। 2016 के ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भी भारत की स्थिति बहुत दयनीय है। 118 देशों की सूची में भारत 97वें पायदान पर है। जीवन प्रत्याशा दर को प्रभावित करने वाले 10 सबसे बड़े खतरों में से 6 सिर्फ पोषण से जुड़े हुए हैं। ऐसे में इस विषय की गंभीरता का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

स्वस्थ भारत (न्यास) विभिन्न अवसरों पर इस बात की वकालत करता रहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के माध्यम से देश की जनता को चिकित्सा सुविधाएं न्यूनतम मूल्य पर उपलब्ध कराई जा सके। ध्यान रहे कि ‘जरूरी है समष्टिगत स्वास्थ्य बीमा योजना (अप्रैल, 2016 कुरूक्षेत्र, पृ.25-27 )’, बढ़ते स्वास्थ्य बजट में ग्रामीण भारत की भागीदारी- (कुरूक्षेत्र, मार्च-2017-पृ.40)’ एवं स्वस्थ भारत के लिए स्वास्थ्य बीमा योजनाएं (कुरूक्षेत्र, जुलाई 17, पृ.15-18) जैसे शोध लेखों के माध्यम से देश को स्वास्थ्य सुरक्षा देने की बात हम लगातार उठाते रहे हैं। इसका असर यह हुआ कि भारत सरकार ने हमारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री भारतीय जनआरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) की शुरुआत की है। यह योजना लोगों तो पहुंचे और उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा का फायदा हो ऐसा हम चाहते हैं।

2019 का यह वर्ष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150 वीं जयंती वर्ष के कारण भी महत्वपूर्ण है। जिस तरह हमने भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अपनी पहली यात्रा की थी, ठीक उसी तरह महात्मा गांधी जी के 150वीं जयंती वर्ष को याद करते हुए यह यात्रा हम शुरू करने जा रहे हैं। महात्मा गांधी की पुण्‍यतिथि 30 जनवरी को साबरमती आश्रम से यह यात्रा शुरू हो रही है। हमें खुशी है कि इस यात्रा में हमें ‘प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना’, ब्रेन बिहैवियर रिसर्च फाउंडेशन ऑफ इंडिया, मेवाड़ विश्वविद्यालय, कस्तूरबा हेल्थ सोसाइटी, स्पंदन, हीलिंग सबलाइम फाउंडेशन, सोशल रिफॉम्‍र्स एवं रिसर्च ऑर्गनाइजेशन, सर्च फाउंडेशन, सहित तमाम जनसरोकारी गैर-सरकारी संस्थाओं, साइनोकेम फार्मास्यूटिक्लस लिमिटेड, क्योरटेक स्कीनकेयर, मस्कट हेल्थ सीरीज प्रा. लिमिटेड, सनकेयर फार्मास्यूटिकल्स प्रा. लिमिटेड और अस्टम हेल्थकेयर जैसी गुणवत्तायुक्त जेनरिक दवा बनाने वाली फार्मा कंपनियों के साथ-साथ देश के कई शिक्षण संस्थानों का सहयोग एवं समर्थन इस यात्रा को प्राप्त हो रहा है। इस यात्रा की महत्ता को इसकी जनभागिदारिता खुद-ब-खुद रेखांकित कर रही है।

इस यात्रा में हमें वरिष्ठ पत्रकार एवं इंदिरा गांधी कला केन्द्र के अध्यक्ष पद्मश्री रामबहादुर राय जी, वरिष्ठ शिक्षाविद एवं पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर जी की पदयात्रा के संयोजक रहे श्री एचएन शर्मा जी, मेवाड़ विश्वविद्यालय के चेयरमैन अशोक गदिया जी, देश-दुनिया के जाने-माने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग अग्रवाल, वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. मनीष कुमार, वरिष्ठ ब्रेन एनालिस्ट डॉ. आलोक मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह जी, उमेश चतुर्वेदी जी, ओमप्रकाश अश्क जी, ओमप्रकाश तिवारी जी सहित सैकड़ों पत्रकार मित्रों का सहयोग इस यात्रा को प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही लाइफ एवं वेलनेस कोच डॉ. अभिलाषा द्विवेदी, वरिष्ठ स्तंभकार शशांक द्विवेदी एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता ठाकुर का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हो रहा है। स्वस्थ भारत के संरक्षक मंडल एवं मार्गदर्शक मंडल के वैचारिक सहयोग ने इस यात्रा को परिकल्पित करने में विशेष मदद की है। इन सबका स्नेह ही है कि हम भारत की सबसे बड़ी स्वास्थ्य यात्रा को मूर्त रूप दे पाए हैं।

इस यात्रा में यात्री के रूप में वरिष्ठ गांधीवादी पत्रकार प्रसून लतांत जी, देश के जाने माने आयुर्वेदाचार्य डॉ.सोम, वरिष्ठ पत्रकार अशोक प्रियदर्शी, शिक्षाकर्मी प्रियंका सिंह का सहयोग प्राप्त हो रहा है। तकनीकी रूप से इस यात्रा से विवेक कुमार, अमन अरोड़ा एवं रोहित शर्मा जुड़े हैं।

हमारे लिए यह हर्ष का विषय है कि इस यात्रा के समन्वयक वरिष्ठ मीडिया कर्मी, स्पंदन एवं मीडिया चौपाल के संकल्पक अनिल सौमित्र जी हैं। उनके कुशल समन्वय से इस यात्रा को बहुत बल मिला है।

देश-भर के हजारों स्वास्थ्यकर्मियों, चिकित्सकों जनऔषधि संचालकों, फार्मासिस्टों एवं प्रबुद्ध वर्ग के स्नेह ने हमें यह यात्रा करने के लिए प्रेरित किया है। इस यात्रा को पूर्ण करने में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जिनका सहयोग मिल रहा है उन सबका खुले दिल से आभार प्रकट करता हूं। खासतौर से प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना परिवार का, जिनके सहयोग के बिना यह यात्रा परिकल्पित करना आसान नहीं होता।

आपके सहयोग एवं स्नेह का आकांक्षी आपका

आशुतोष कुमार सिंह

राष्ट्रीय संयोजक, स्वस्थ भारत अभियान

9891228151

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