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जब फेफड़े में फंसी सुई को ऐसे निकाला गया

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। कभी-कभी पेंचीदा मामला भी डॉक्टर सुलझा लेते हैं। एम्स दिल्ली के डॉक्टरों ने सात साल के बच्चे की जान बचाने के लिए अनोखे देसी जुगाड़ का इस्तेमाल किया। दरअसल बच्चे के फेफड़े में सिलाई मशीन की सुई फंस गई थी। ब्रोंकोस्कोपी उपकरण के लिए वहां जगह भी कम थी। तब डॉक्टरों ने चुंबक की मदद से सुई निकाल लेने में सफल हुए। सुई की वजह से बच्चे को लगातार खांसी आ रही थी और खून भी आ रहा था। उसकी जान पर खतरा बन आया था।

प्रदूषण की नो टेंषन, पराली से बनेंगी ईंटें पराली

अब दिल्ली-एनसीआर की हवाओं को खराब नहीं करेगी। IIT दिल्ली के वैज्ञानिक और शोधार्थियों ने इससे ईंट बनाने की तकनीक विकसित की है। इससे किसानों को पराली की कीमत मिलेगी और लोगों को सस्ता व टिकाऊ मकान। इस ईंट से भूंकप और बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में भी तुरंत मकान बनाया जा सकता है। यह जानकारी आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने ओपन हाउस आयोजन में दी। .

फार्मा कंपनियों में करार

फार्मा कंपनियों ल्यूपिन (Lupin) और जाइडस (Zydus) के बीच भारत में नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर रोग और नॉन-अल्कोहॉलिक स्टीटोहेपेटाइटिस के इलाज के लिए Saroglitazar Mg दवा को मिलकर बेचने के लिए करार हुआ है। इसके तहत ल्यूपिन के पास LINVAS ब्रांड नाम के तहत भारत में इस प्रोडक्ट को की-मार्केटिंग का सेमी-एक्सक्लूसिव अधिकार होगा। दोनों कंपनियों ने एक बयान में कहा कि जाइडस ने Saroglitazar Mg को Lipaglyn और Bilypsa ब्रांड नामों के तहत लॉन्च किया है और वह उनकी बिक्री करती रहेगी।

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