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समस्त महाजन को महाराष्ट्र के राज्यपाल ने दिया 30 लाख की सहायता राशि-

हमारा एक ही नारा है – “जल है तो जीवन है – जल है तो कल है”: गिरीश जयंतीलाल शाह

मुंबई (महाराष्ट्र); 27 मार्च 2021 : डॉ.आर. बी. चौधरी

करोना काल में भारत क्या समूची दुनिया में संकट के बादल छटने का नाम नहीं ले रहा है। भारत में वैक्सीन तो आ गई लेकिन विपदा जस की तस बनी है। स्वयंसेवी संस्थाएं अपने बलबूते के अनुसार बेहतर से बेहतर सेवाओं में लगी है। इस दिशा में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संस्था समस्त महाजन ने भी एड़ी से चोटी करके पशु – पक्षी, मनुष्य और पर्यावरण को संरक्षित – सुरक्षित करने में लगा हुआ है। आज समस्त महाजन के मैनेजिंग ट्रस्टी गिरीश जयंतीलाल शाह अपने संस्था की सेवाओं से महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी अवगत कराया और वह समस्त महाजन की सेवाओं को जानकर अत्यंत प्रभावित हुए । महामहिम ने बढ़ती हुई गर्मी तथा कोरोना की चुनौतियों को देखते हुए समस्त महाजन को 30 लाख रुपए की धनराशि भेंट की।

समस्त महाजन के मैनेजिंग ट्रस्टी गिरी जयंतीलाल शाह ने बताया कि जल संरक्षण का अभियान समस्त महाजन महाराष्ट्र में अत्यंत सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। इसके लिए संस्था ने दिन-रात एक कर दिया है और इसके लिए कई राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। इस बात को जब महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल महोदय भगतसिंह कोशयरी जी को बताया गया तो बेहद प्रभावित हुए । यह बता दें कि समस्त महाजन के उल्लेखनीय जल प्रबंधन कार्य पर चर्चा के लिए महामहिम राज्यपाल महोदय ने संस्था को आमंत्रित किया था। शाह बताया कि महामहिम को जल संरक्षण और खास करके गर्मी की चुनौतियों से निपटने के लिए संस्था द्वारा चलाए जा रहे सघन जल प्रबंधन कार्यक्रम को मंत्रमुग्ध होकर सुनते रहे।

शाह ने बताया कि महामहिम ने हमे काफी समय दिया और खूब सुने। इस कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए राजकीय कोष से उन्होंने समस्त महाजन को आज 30 लाख रुपए सहायता राशि प्रदान की और इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए। उनका मार्गदर्शन अत्यंत ज्ञानवर्धक था। उन्होंने कहा कि समस्त महाजन बहुत अच्छा कार्य कर रहा है। समस्त महाजन से बहुत आशायें हैं।आज महाराष्ट्र में जल प्रबंधन पर इस प्रकार की योगदान करने की आवश्यकता है । समस्त महाजन इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। महामहिम द्वारा प्रदत्त इस सहयोग के लिए संस्था की ओर से शाह ने आभार प्रकट किया और बेहतर सेवाएं प्रदान करने का वचन दिया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण संबंधी कार्यों को अब हम एक मॉडल के रूप में विकसित कर महाराष्ट्र के अलावा अन्य प्रदेशों में भी संचालित कर रहे हैं। हमारा एक ही नारा है -” जल है तो जीवन है- जल है तो कल है” ।

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