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राष्ट्रपति के हाथों मिला राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार

राष्ट्रपति के हाथों मिला राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में उत्कृष्ट नर्सिंग कर्मियों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। इस साल विभिन्न क्षेत्रों और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों की 15 नर्सों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने में उनकी अनुकरणीय सेवा और समुदाय के कल्याण को प्रोत्साहन देने के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया गया। इसमें दिल्ली से भी दो महिलाएं हैं।

पुरस्कार : दिल्ली से दो को सम्मान

सम्मानित की गई नर्सों का विवरण इस प्रकार है—श्रीमती रेबा रानी सरकार (अंडमान और निकोबार), श्रीमती वलिवेती सुभावती (आंध्र प्रदेश), श्रीमती सरोज फकीरभाई पटेल (दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव), श्रीमती रजिया बेगम पीबी (लक्षद्वीप), श्रीमती सुजाता अशोक बागुल (महाराष्ट्र), श्रीमती बीना पाणि डेका (असम), श्रीमती किजुम सोरा कारगा (अरुणाचल प्रदेश), मिस डिपंल अरोड़ा (दिल्ली), मेजर जनरल शीना पी.डी. (दिल्ली), डॉ. बानू एमआर (कर्नाटक), श्रीमती लेइमापोकपम रंजीता देवी (मणिपुर), श्रीमती वी. लालहमंगईही (मिजोरम), श्रीमती एल.एस. मणिमोझी (पुदुचेरी), श्रीमती अलामेलु मंगयारकरसी के (तमिलनाडु) और श्रीमती डोली बिस्वास (पश्चिम बंगाल)।

पुरस्कार : हेल्थ मिनिस्टर की बधाई

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और श्रीमती अनुप्रिया पटेल भी इस अवसर पर उपस्थित थे। जे.पी. नड्डा ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह सुयोग्य सम्मान मानवता की सेवा के प्रति आपके समर्पण का उत्सव मनाता है और आपको सकारात्मक प्रभाव करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने आगे कहा कि हमारी नर्सें भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का आधार हैं, जो हर दिन अनगिनत लोगों का जीवन बचाती हैं।

पुरस्कार : करुणा का सम्मान

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार नर्सिंग पेशे को परिभाषित करने वाले समर्पण, करुणा और दृढ़ता का सम्मान करता है। ये प्रतिष्ठित पुरस्कार पंजीकृत नर्सों, दाइयों, सहायक नर्स दाइयों और केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वैच्छिक संगठनों में सेवारत महिला स्वास्थ्य आगंतुकों को दिये जाते हैं। प्रत्येक पुरस्कार में योग्यता प्रमाणपत्र, एक लाख रुपए का नकद पुरस्कार और इन स्वास्थ्य योद्धाओं द्वारा प्रदान की गई अमूल्य सेवा के लिए राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक एक पदक सम्मिलित है।

पुरस्कार : सक्षम नर्सिंग सिस्टम तैयार

मालूम हो कि भारत सरकार ने पूरे देश में नर्सिंग और मिडवाइफरी पेशे को सशक्त करने के लिए परिवर्तनकारी कदम उठाए हैं। हाल ही में राष्ट्रीय नर्सिंग और मिडवाइफरी आयोग अधिनियम नर्सिंग शिक्षा और विनियामक ढांचे के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इसके अतिरिक्त, मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ 157 नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना एक कुशल और सक्षम नर्सिंग कार्यबल तैयार किया गया है। ये पहल सामूहिक रूप से एक सशक्त स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का मार्ग प्रशस्त करती हैं, जो एक अच्छी तरह से लैस और सशक्त नर्सिंग कार्यबल के माध्यम से सभी नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करती हैं।

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