नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। यूपी के हर जिले में आयुष वेलनेस सेंटर बनेगा जिसमें 100—100 बेड होंगे। यह घोषणा राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। वे प्रदेश को पहले आयुष विश्वविद्यालय (महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय) का लोकार्पण कर रहे थे। इसमें पंचकर्म, क्षारसूत्र जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं भी उपलब्ध करायी जाएंगी। इसके अलावा यूपी के छह मंडलों में मंडल मुख्यालय स्तर पर एक-एक आयुष महाविद्यालय भी बनाए जाएंगे। इस मौके पर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु और अति विशिष्ट अतिथि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल थीं।
आयुर्वेद : संपूर्ण आरोग्यता मिलेगी
रिपार्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार सम्पूर्ण आरोग्यता की दिशा में निरंतर कार्य कर रही हैं। 2014 के पूर्व भारत की आरोग्यता की प्राचीन पद्धतियों, सुविधाओं को वैश्विक मान्यता नहीं मिल पाई थी। 2014 में प्रधानमंत्री बनने पर नरेंद्र मोदी ने आयुर्वेद, योग, यूनानी, होम्योपैथ, नेचुरोपैथी, सिद्धा को मिलाकर आयुष मंत्रालय बनाया और परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को नया मंच दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय पीएम मोदी की प्रेरणा से सम्पूर्ण आरोग्यता के लिए बनाया गया उत्तर प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय है। इससे लोगों को आयुर्वेद, होम्योपैथ, यूनानी, योग, नेचुरोपैथी, सिद्धा आदि विधाओं की चिकित्सा सेवा का लाभ मिलेगा। साथ ही आयुष के क्षेत्र में रिसर्च एंड डेवलपमेंट के बड़े केंद्र के रूप में भी आगे बढ़ेगा।
आयुर्वेद : एक गांव-एक औषधीय पौधा
समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने किसानों का आह्वान किया कि वे ‘एक गांव-एक औषधीय पौधा’ अभियान की शुरुआत करें। आयुष विश्वविद्यालय के रूप में पूर्वांचल में आयुर्वेद का बड़ा सेंटर शुरू हो रहा है और इसके माध्यम से औषधीय खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्यपाल ने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय के आसपास के गांवों के किसान औषधीय पौधो की खेती कर अधिक आर्थिक उपार्जन कर सकते हैं। इससे बिना हानि वाली दवाएं बनेंगी और जनता का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि एक गांव में एक तरह के औषधीय पौधे लगाए जाएं तो दूसरे गांव में दूसरे तरह के।
