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दुनिया के कई हिस्सों में जानलेवा गर्मी का कहर

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। पूरी धरती के लिए 2023 का जून महीना सबसे अधिक गर्म था लेकिन जलवायु परिवर्तन की बढ़ती रफ्तार के चलते ग्लोबल वॉर्मिंग का असर दिनों-दिन तीखा होता जा रहा है। पश्चिमी देशों में इसकी वजह से गर्मी के लगातार नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। अमेरिका के अलावा यूरोप और जापान समेत कई देष झुलस रहे हैं। भारत में भले ही 40 डिग्री सामान्य हो लेकिन पश्चिमी देशों में यह तापमान कहर से कम नहीं है।

डेथ वैली में 54 डिग्री तक जायेगा तापमान

अमेरिका के कई प्रांतों में भीषण गर्मी पड़ रही है। आने वाले दिनों में और भयानक गर्मी का अलर्ट जारी किया जा चुका है। पूरे दक्षिण-पश्चिम में लू के खतरनाक स्तर पर पहुंचने की चेतावनी जारी की गई है। कैलिफोर्निया की डेथ वैली को दुनिया का सबसे गर्म स्थान माना जाता है जहां तापमान 48 हो चुका है और 54 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। कनाडा में अधिक तापमान के चलते जंगलों में आग लग रही है। इससे अब तक करीब 2.5 करोड़ एकड़ भूमि जल चुकी है।

यूरोप के देशों की हालत खराब

यूरोप महाद्वीप की भी स्थिति काफी खराब है। इटली में आने वाले हफ्ते तापमान के नए ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने का अनुमान है। यहां स्वास्थ्य मंत्रालय ने 16 शहरों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से अब तक की सबसे कड़ी गर्मी के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। 43 डिग्री तक तापमान जाने का अनुमान है। इससे पहले रोम में अधिकतम तापमान अगस्त 2007 में 40.5 डिग्री सेल्सियस तक गया था। सिसिली और सार्दिनिया के द्वीप में तापमान 48 डिग्री के आंकड़े को छू सकता है। फ्रांस में भीषण गर्मी और सूखे ने कृषि क्षेत्र के लिए समस्या पैदा कर दी है। मौसम विभाग मानता है कि तापमान फिर बढ़ेगा और पिछले सारे रिकॉर्ड्स टूटने की आशंका है। स्पेन का भी बुरा हाल है। तापमान लगातार 40 डिग्री के ऊपर बने रहने की उम्मीद है।

जापान से अफ्रीका तक कोहराम

जापान में तापमान के 38-39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि इस गर्मी में पिछले सारे रिकॉर्ड्स टूट सकते हैं। उत्तरी अफ्रीका के मोरक्को के कई प्रांतों में तापमान 47 डिग्री के पार हो गया। ऐसा यहां अधिकतर अगस्त में होता है। इससे पानी की किल्लत भी हो सकती है। जॉर्डन में तेज गर्मी के बीच अजलून के जंगलों में आग लग गई। इसके चलते सरकार को बहुमूल्य 214 टन पानी को इस आग को बुझाने में लगाना पड़ा। 50 डिग्री तापमान के बीच इराक में स्थितियां और बिगड़ने की आशंका है।

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