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कफ सिरप निर्यात के लिए सरकार की सख्ती, गाइडलाइन जारी

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। भारतीय कंपनियों की बनी कफ सीरप को लेकर सरकार ने सख्ती करते हुए विदेश में दवा भेजे जाने से पहले उसके परीक्षण कराने का आदेश दिया है। पिछले सालों में कई शिकायतें आयी थी। अब कफ सिरप निर्यातकों को उत्पादों का निर्धारित सरकारी प्रयोगशालाओं में परीक्षण कराना जरूरी होगा। नया नियम एक जून से लागू हो जाएगा।

सरकारी लैब में होगी जांच

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने अधिसूचना जारी कर कहा कि खांसी की दवा के सैंपल की जांच अनिवार्य रूप से सरकारी प्रयोगशालाओं में होगी। जांच संबंधी प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही विदेशों में नियार्त करने की अनुमति दी जाएगी। कई शहरों में स्थित क्षेत्रीय दवा परीक्षण प्रयोगशाला, कोलकत्ता के केंद्रीय दवा प्रयोगशाला और केंद्रीय दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं  में नमूनों का परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकारों द्वारा मान्यता प्राप्त दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं में भी नमूनों की जांच की जा सकेगी।

शिकायतों के बाद सरकार गंभीर

सरकार ने यह कदम भारत में बने कफ सिरप की गुणवत्ता को लेकर दुनिया भर में उठे सवालों के बाद उठाया है। पिछले साल गाम्बिया और उजबेकिस्तान में क्रमशः 66 एवं 18 बच्चों की मौत हुई थी। इसके लिए भारत-निर्मित कफ सिरप को कथित तौर पर दोषी बताया गया था। 2021-22 में भारत से 17 अरब डॉलर के कफ सिरप निर्यात किए गए थे और यह राशि 2022-23 में बढ़कर 17.6 अरब डॉलर हो गई।

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