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आयुष को मुख्य धारा में लायेगी स्वास्थ्य नीति : सोनोवाल

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में आयुष को मुख्य धारा में लाने और सभी स्तरों में शिक्षा, अनुसंधान के क्षेत्रों में इन प्रणालियों को एकीकृत करने की परिकल्पना की गई है।

यूनानी पद्धति का भी होगा विकास

यह बात केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कही है। वे गाजियाबाद में राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान (NIUM) के नवनिर्मित परिसर का निरीक्षण करने गये थे। यह राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान, बैंगलोर का एक सैटेलाइट संस्थान है और भारत के उत्तरी क्षेत्र में स्थापित होने वाला अपनी तरह का पहला संस्थान होगा। उनके साथ नागर विमानन राज्य मंत्री जनरल वी.के. सिंह और आयुष मंत्रालय के अधिकारीगण भी थे। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय ने यूनानी चिकित्सा में अनुसंधान एवं विकास और नवाचार को प्रोत्साहित करने, शिक्षा के लिए शीर्ष संस्थानों को विकसित करने और अनुसंधान के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, मुझे विश्वास है कि यह यूनानी चिकित्सा संस्थान आयुष प्रणाली को लोकप्रिय बनाएगा और देश के उत्तरी क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करेगा।

तैयार होंगे पेशेवर

1 मार्च, 2019 को गाजियाबाद में राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान (NIUM) की आधारशिला रखी गई थी। यह संस्थान यूनानी चिकित्सा की विभिन्न धाराओं में उच्च गुणवत्ता वाले पेशेवरों को तैयार करेगा। इस संस्थान में 14 विभाग होंगे और यूनानी चिकित्सा के विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट पाठ्यक्रम प्रदान करेगा। संस्थान मूलभूत पहलुओं, औषधि विकास, गुणवत्ता नियंत्रण, सुरक्षा मूल्यांकन और यूनानी चिकित्सा और तौर-तरीकों के वैज्ञानिक सत्यापन पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। संस्थान शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और अनुसंधान में बेंचमार्क मानक स्थापित करेगा। इसका निर्माण 381 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।

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