पटना (स्वस्थ भारत मीडिया)। दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन के असर से मौसम असंतुलन के प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। ठंड के दिन सिमटते जा रहे हैं जबकि बारिश बेमौसम हो गया है। सबसे गंभीर है गर्मी के दिनों का बढ़ते जाना। तापमान भी लगातार बढ़ता चल रहा है। अभी कुछ राज्यों में भीषण बारिश हो रही है तो वहीं के कुछ हिस्सों में तापमान 40 डिग्री तक रिकॉर्ड किया जा रहा है। बिहार में भी आने वाले दिनों में गर्मी का असर तेज होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल में तापमान 36–38°C तक जा सकता है, जबकि कुछ इलाकों में यह 40°C के करीब पहुंचने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार 17 से 23 अप्रैल के बीच तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि मई में स्थिति और चुनौतीपूर्ण बन सकती है।
Heatwave: तल्ख रहेगी गर्मी
मौसम विभाग की चेतावनी कहती है कि बिहार में इस साल गर्मी अपने तेवर पहले से ज्यादा तल्ख दिखाने वाली है। अप्रैल से जून तक भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की आशंका को देखते हुए सरकार ने अभी से मोर्चा संभाल लिया है। सत्ता के गलियारों में हलचल तेज है और प्रशासनिक मशीनरी को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने हाल ही उच्चस्तरीय बैठक कर साफ संदेश दिया कि इस बार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य, पीएचईडी, परिवहन, ऊर्जा, शिक्षा, नगर विकास, मौसम समेत करीब 10 अहम विभागों के आला अफसर मौजूद रहे। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अप्रैल के मध्य से ही तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है और मई-जून में हालात और भी विकराल हो सकते हैं। खासकर दक्षिण बिहार के जिलों नालंदा, गया और रोहतास में अभी से पारा 30 डिग्री के पार जा चुका है, जो आने वाले खतरे की आहट दे रहा है।
Heatwave: विभागों को निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को पहले से तय SOP के तहत तुरंत काम शुरू करने का आदेश दिया। नगर विकास विभाग को बस स्टैंड, बाजार और चौराहों पर प्याऊ लगाने और जरूरत पड़ने पर पानी के टैंकर चलाने के निर्देश दिए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग को हर अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ORS और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि लू से प्रभावित लोगों का तत्काल इलाज हो सके। शिक्षा विभाग को खास हिदायत दी गई है कि स्कूलों में बच्चों को गर्मी से बचाव के तरीके सिखाए जाएं और हर स्कूल में ओआरएस की व्यवस्था रहे। श्रम विभाग को खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए छाया, पेयजल और प्राथमिक उपचार की सुविधा मुहैया कराने का निर्देश मिला है।ऊर्जा विभाग को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही ढीले तारों की मरम्मत का आदेश दिया गया है, ताकि आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके। परिवहन विभाग को दोपहर 11 बजे से 3:30 बजे तक सार्वजनिक परिवहन सीमित करने की तैयारी रखने को कहा गया है। सरकार का साफ संदेश है इस बार गर्मी से जंग पहले से ही लड़ी जाएगी, ताकि जनता को राहत मिल सके और किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
