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महामारी में भारत ने 185 देशों को दवायें भेजी : डॉ. मांडविया

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने टोक्यो के भारतीय दूतावास में जापानी फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों और जापान फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (JPMA) के सदस्यों के साथ बातचीत की। जेपीएमए के महानिदेशक जुनिची शिराइशी और जेपीएमए के प्रबंध निदेशक डॉ. सचिको नाकागावा भी चर्चा में उपस्थित थे।

वैश्विक दवा केंद्र है भारत

डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत की पहचान एक वैश्विक दवा केंद्र के रूप है। इससे जुड़े उद्योग सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं के भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में सेवा करके दुनिया भर में स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा-भारत ने वैश्विक वैक्सीन आपूर्ति का लगभग 60 प्रतिशत और जेनेरिक निर्यात का 20-22 प्रतिशत प्रदान करके वैश्विक पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में, भारत ने लगभग 185 देशों को आवश्यक दवाओं की आपूर्ति की है।

जेनेरिक दवाओं पर फोकस

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारतीय दवा उद्योग ने मुख्य रूप से जेनेरिक दवाओं के निर्माण, थोक दवाओं के निर्यात और दवा सामग्री की आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित किया है। भारतीय दवा उद्योग में 3,000 दवा कंपनियों और 10,500 विनिर्माण इकाइयों का नेटवर्क शामिल है। इसके 2030 तक 130 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि फार्मास्युटिकल विनिर्माण के लिए एक सुदृढ़ इकोसिस्टम बनाने के लिए तीन बल्क ड्रग पार्कों का निर्माण किया जा रहा है। फार्मास्युटिकल क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने छह राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों की स्थापना की है।

जापानी कंपनियों को निवेश  का न्योता

जापानी कंपनियों को भारतीय बाजार में बढ़ते अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत में दवा उद्योग विदेशी कंपनियों से बहुत अधिक निवेश आकर्षित कर रहा है और साझेदारी और सहयोग की संभावनाएं देख रहा है। इसने वैश्विक दवा कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश करने के लिए रोमांचक अवसर खोले हैं। नई उत्पादन लिंक प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं ने निर्माताओं को वैश्विक बाजार में दवाओं की आपूर्ति करने के उद्देश्य से भारत में दवाओं का उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर, जैव-फार्मास्युटिकल्स के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार जीवन विज्ञान क्षेत्र में विकास में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

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