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कैंसर अनुसंधान के लिए बिहार विश्वविद्यालय से हुआ समझौता

कैंसर अनुसंधान के लिए बिहार विश्वविद्यालय से हुआ समझौता

पटना स्वस्थ भारत मीडिया। कैसर के क्षेत्र में अनुसंधान एवं शोध में सहयोग करने के लिए मुजफ्फरपुर स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय और पटना के महावीर कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र (MCSRC) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुआ। यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच कैंसर अनुसंधान, उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

समझौता : मिलकर करेंगे शोधकार्य

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस साझेदारी के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से कैंसर के विभिन्न पहलुओं पर शोध कार्य करेंगे। इसके साथ ही छात्रों और शोधार्थियों को प्रशिक्षण, प्रयोगशालाओं तक पहुंच, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन और शैक्षणिक कार्यक्रमों का लाभ मिलेगा। कुलपति प्रो. राय ने इसे विश्वविद्यालय के शोध क्षमताओं के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। वहीं डॉ. सान्याल ने इस सहयोग को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में नई खोजों और सकारात्मक परिणामों का आधार बताया। प्रो. सिंह और डॉ. घोष ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे बिहार में कैंसर अनुसंधान को नई दिशा और गति मिलेगी।
यह समझौता न केवल अकादमिक सहयोग को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि समाज के व्यापक हित में कैंसर की रोकथाम और उपचार संबंधी शोध को भी मजबूती प्रदान करेगा।

समझौता : शोधार्थी भी रहे मौजूद

बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय और महावीर कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. बिस्वजीत सान्याल ने हाल ही संपन्न इस समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से डीन फैकल्टी ऑफ साइंस प्रो. शिवानंद सिंह, जबकि संस्थान की ओर से अनुसंधान विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार घोष और वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में शोधार्थियों की उपस्थिति ने भी आयोजन को विशेष बना दिया। पुष्कर कुमार जो गैस्ट्रिक कैंसर पर शोधरत हैं, रमन गौरव जो ब्रेस्ट कैंसर पर कार्य कर रहे हैं, और प्रणय, शोध छात्र के रूप में इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।

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