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आयुष समेत परंपरागत प्रणालियों को मजबूत करने की जरूरत

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। देश में परंपरागत स्वास्थ्य प्रणालियों को और मजबूत करने की जरूरत है। आधुनिक प्रणाली के साथ-साथ प्रमाणित आयुष सेवाओं के एकीकरण में देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की अपार क्षमता मौजूद है। नीति आयोग के एक दस्तावेज में यह बात कही गयी है।

दस्तावेज जारी किया आयोग ने

आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आयुष आधारित चिकित्सा उपायों का एक सार-संग्रह जारी किया है। इस संग्रह में कोविड के फैलने को मद्देनजर रखते हुये राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशो द्वारा की गई आयुष-आधारित विभिन्न पहलों तथा उपायों की विस्तृत सूचना दी गई है। इस सार-संग्रह को नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी और आयुष तथा महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ. मुंजपरा महेन्द्रभाई कालूभाई ने जारी किया। इस कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल तथा नीति आयोग और आयुष मंत्रालय के अधिकारी सम्मिलित हुये।

भारत की ताकत बढ़ाई आयुष ने

इसमें कहा गया है कि वर्ष 2020 से पूरी दुनिया कोविड के रूप में अभूतपूर्व जन स्वास्थ्य संकट का सामना कर रही है। भारत में कोविड महामारी के प्रबंधन में राज्य और केंद्र शासित प्रदेश, केंद्र सरकार के बराबर के साझीदार रहे हैं। प्रदेशों के आयुष विभागों ने कोविड का मुकाबला करने में राज्य स्वास्थ्य विभागों के साथ मिलकर भारत की ताकत बढाई। इसमें आयुष की बडी मौजूदगी देखी गई और अब जरूरत इस बात की है कि आयुष की विश्वसनीयता बनाने के लिये इस गति को कायम रखा जाये।

कोरोना के सबक साझा करना जरूरी

नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने कहा-कोविड-19 महामारी के दौरान के कठिन समय में सीखे गये सबक को हर तरफ पहुंचाना बहुत जरूरी है ताकि यह जानकारी मिले कि लोगों के लाभ के लिये कैसे आयुष उपायों को देश और राज्य स्तर पर लागू किया गया। इस संग्रह में कोविड-19 के विरुद्ध देश की लडाई को मजबूती देने में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने किस तरह आयुष उपायों व संसाधनों को अपनाया, इसके बारे में सूचना दी गई है। दस्तावेज से हमें कोविड महामारी के विरुद्ध तथा भविष्य की सीमित महामारियों और विशाल महामारियों से लडने में मदद मिलेगी।

सक्रिय भूमिका रही आयुष की

इस अवसर पर आयुष राज्यमंत्री डॉ. मुंजपरा महेन्द्रभाई कालूभाई ने कहा-भारत में समकालीन औषधि प्रणाली के साथ-साथ आयुष प्रणाली ने कोविड-19 महामारी से पैदा होने वाले स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिये विभिन्न मोर्चों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। मैं आशा करता हूं कि परंपरागत और व्यवहारगत स्वास्थ्य प्रणालियों के सामूहिक प्रयासों के जरिये एक आमूल स्वास्थ्य प्रणाली प्रदान करके दुनिया के लिये आगे का रास्ता खुल जायेगा।

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