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अब ग्रीन पटाखे से मनेगी दीपावली

Now Diwali will be celebrated with green firecrackers

आशुतोष कुमार सिंह

वायु प्रदूषण को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है। यह चिंता दीपावली नजदीक आते ही और बढ़ जाती है। इस बार भारत सरकार ने इस चिंता को दूर करने के लिए ग्रीन पटाखे जारी किए हैं। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भू-विज्ञान, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्धन ने वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की प्रयोगशाला द्वारा पर्यावरण के अनुकूल विभिन्न प्रकार की आतिशबाजी विकसित करने में सफल रहने की घोषणा की। इनमें आवाज करने वाले पटाखे, फ्लावर पॉट, पेंसिल, चक्करघिरनी और फुलझड़ियां शामिल हैं। उन्होंने आगे बताया कि ये आतिशबाजी सीएसआईआर द्वारा विकसित किए गए नए फॉर्म्यूलेशन पर आधारित है। नई तरह के पटाखे उपभोक्ताओं और विक्रेताओं के लिए भारतीय बाजार में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार लगाए के प्रतिबंध के चलते पूरे आतिशबाजी उद्योग पर जल्द ही बंद होने का खतरा मंडरा रहा था। हालांकि एक बार फिर विज्ञान ने हमारे वैज्ञानिकों द्वारा किए गए हस्तक्षेप की बदौलत आम आदमी और लाखों नौकरियों को बचा लिया।k

स्वास्थ्य मंत्री ने वैज्ञानिकों को कहा शुक्रिया

इस बावत डा. हर्षवर्धन ने कहा, ‘मुझे बहुत खुशी है कि एक तरफ हम इस दीपावली पर पर्यावरण के अनुकूल पटाखे का उपयोग करेंगे, और दूसरी तरफ, रोशनी एवं पटाखों के साथ हमारे त्योहार का पारंपरिक उत्सव बरकरार रहेगा। लाखों घर जो आतिशबाजी बनाने और उनकी बिक्री पर निर्भर रहते हैं, वे भी इस त्योहार का आनंद ले सकेंगे। इसके लिए हमारे वैज्ञानकों को शुक्रिया।’

यहां पर है जांच की सुविधा

डा. हर्षवर्धन ने इस बात को भी उजागर किया कि नई आतिशबाजियों से होने वाले उत्सर्जन के परीक्षण की सुविधाएं सीएसआईआर-एनईईआरआई के साथ-साथ उनके द्वारा अनुमोदित राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) में उपलब्ध हैं, जिसकी सूची सीएसआईआर-एनईईआरआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकार इस दिशा में बहुत समय से काम कर ही थी और इस काम में लगभग 165 आतिशबाजी बनाने वालों को साथ लाया गया है। 65 से अधिक निर्माता साथ आने की प्रक्रिया में हैं।

ग्रीन पटाखे के लिए 8 प्रयोगशालाओं ने मिलाया हाथ

कम उत्सर्जन वाले/ग्रीन पटाखे विकसित करने के लिए आठ प्रयोगशालाएं सीएसआईआर-एनईईआरआई, सीईईआरआई, आईआईटीआर, आईआईसीटी, एनसीएल, सीईसीआरआई, एनबीआईआई और सीएचएमआईआई साथ आईं। इस पूरी कवायद का समन्वय सीएसआईआर-एनईईआरआई ने किया।

नकली पटाखे नहीं बेंच पाएगा कोई

नकली पटाखों के निर्माण और बिक्री से बचने के लिए पटाखों पर क्यूआर कोड की एक अच्छी सुविधा दी गई है। यह उपभोक्ताओं को स्मार्ट फोन और अन्य उपकरणों का उपयोग कर पटाखों को ट्रैक करने में भी मदद देगा। इस बावत डा. हर्षवर्धन ने बताया कि ग्रीन पटाखे को पारंपरिक पटाखे से अलग करने के लिए एक हरे रंग के लोगो के साथ-साथ एक त्वरित प्रतिक्रिया (क्यूआर) कोडिंग प्रणाली विकसित की गई है।

ग्रीन पटाखे के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

उत्सर्जन प्रमाणपत्र, क्यूआर कोड और फॉर्म्यूलेशन से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी के लए एक हेल्पलाइन भी बनाई गई है। यह हेल्पलाइन +918617770964 और +919049598046 या ई-मेल : director@neeri.res.in पर उपलब्ध है।

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