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Record : पंजाब में 39 दिन की बच्ची का हुआ अंगदान

अंगदान पर फोकस रहा ‘मन की बात’ का 99वां एपिसोड
अजय वर्मा

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’ के 99वें एपिसोड में अंगदान के महत्व की चर्चा हुई। इसका प्रसारण 26 मार्च को हुआ। इस बारे में पीएम नरेंद्र मोदी ने 39 दिन के नवजात के अंगदान का जिक्र करते हुए उसके माता-पिता से लाइव बातचीत भी की और उनका हौसला बढ़ाया। बच्ची पंजाब की थी।

अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ी

इस एपिसोड में पीएम परमार्थ के लिए जीवन समर्पित करने वालों की हौसला आफजाई कर रहे थे। उन्होंने शिवि और दधीचि जैसे देह-दानियों की गाथाओं की चर्चा की। इसी क्रम में उन्होंने इस बच्ची का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक Medical Science के इस दौर में Organ donation किसी को जीवन देने का एक बहुत बड़ा माध्यम बन चुका है। कहते हैं, जब एक व्यक्ति मृत्यु के बाद अपना शरीर दान करता है तो उससे 8 से 9 लोगों को एक नया जीवन मिलने की संभावना बनती है। संतोष की बात है कि आज देश में इसके प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। साल 2013 में, हमारे देश में इसके 5 हजार से भी कम केस थे, लेकिन 2022 में ये संख्या बढ़कर, 15 हजार से ज्यादा हो गई है।  अंगदान करने वाले व्यक्तियों ने, उनके परिवार ने, वाकई बहुत पुण्य का काम किया है।

दो बार दिल का दौरा पड़ा और….

अमृतसर के सुखबीर सिंह संधू और सुप्रीत कौर के घर बहुत मन्नतों के बाद बिटिया हुई थी। घर के लोगों ने उसका नाम रखा था-अबाबत कौर। अबाबत का अर्थ, दूसरे की सेवा से जुड़ा है, दूसरों का कष्ट दूर करने से जुड़ा है। वह जब सिर्फ 39 दिन की थी, तभी वो यह दुनिया छोड़कर चली गई। लेकिन माता-पिता ने उसके अंगदान का प्रेरणादायी फैसला लिया। पिता सुखबीर सिंह ने एपिसोड में बताया कि उसके पैदा होते ही हमें पता चला कि उसके दिमाग में एक ऐसा नसों का गुच्छा बना हुआ है जिसकी वजह से उसके दिल का आकार बड़ा हो रहा है। पहले 24 दिन तक तो बहुत ठीक रहा। अचानक उसके दिल ने काम करना बंद कर दिया तो हम जल्दी से उसको हॉस्पिटल लेकर गए। वहाँ डॉक्टरों ने उसको संभाल लिया। समझना कठिन था कि इतनी कम उम्र में कैसे दिल का दौरा पड़ गया। फिर इलाज के लिए चंडीगढ़ ले गए। वहां बड़ी बहादुरी से उस बच्ची ने इलाज़ के लिए संघर्ष किया। ऑपरेशन की बात सोची भी नहीं जा सकती थी। 39 वें दिन डॉक्टर ने कहा कि इसको दोबारा दिल का दौरा पड़ा है। जब उम्मीद टूट गयी तो अंगदान की सोची। डॉक्टरों की सलाह थी कि इतनी छोटी बच्ची की किडनी ही दान की जा सकती है सो हमने वही किया।

झारखंड की महिला की भी हुई चर्चा

इस एपिसोड में झारखंड की 63 वर्ष की स्नेहलता चौधरी की भी चर्चा हुई जिनका दिल, किडनी, दोनों आंख और लीवर दान किया गया। उनके बेटे अभिजीत चौधरी से पीएम ने बात कर पूरा वाकया जाना। इससे चार लोगों की जान और दो जनों को आँख मिला।

नियमों में ढील देने की सरकार की तैयारी

पीएम ने कहा कि आज बड़ी संख्या में ऐसे जरूरतमंद हैं, जो स्वस्थ जीवन की आशा में किसी organ doner का इंतज़ार कर रहे हैं। अंगदान को आसान बनाने और प्रोत्साहित करने के लिए पूरे देश में एक जैसी policy पर भी काम हो रहा है। इस दिशा में राज्यों के domicile की शर्त को हटाने का निर्णय भी लिया गया है, यानी, अब देश के किसी भी राज्य में जाकर मरीज अंगदान ले सकेगा। सरकार ने 65 वर्ष से कम आयु की आयु-सीमा को भी खत्म करने का फैसला लिया है। इन प्रयासों से ही ज्यादा से ज्यादा लोग इस नेक काम में आगे आ सकेंगे।

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