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वन अर्थ-वन हेल्थ पर महाकुंभ में गंभीर विचार-विमर्श

गांधीनगर (स्वस्थ भारत मीडिया)। पारंपरिक चिकित्सा के महाकुंभ के मौके पर वन अर्थ वन हेल्थ एडवांटेज हेल्थकेयर इंडिया कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भारत ने प्राथमिक और डिजिटल स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में विश्व स्तर पर और साथ ही अपने देश में स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

भारतीय हेल्थ सिस्टम विशाल : मांडविया

उन्होंने द एडवांटेज हेल्थ केयर इंडिया-वन स्टॉप डिजिटल पोर्टल फॉर पेशेंट और वर्कफोर्स मोबिलिटी लॉन्च करते हुए कहा कि इन दो पोर्टलों का शुभारंभ न केवल भारत के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि हमारे वैश्विक दायित्वों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन पोर्टलों के माध्यम से हम आज स्वास्थ्य सेवा में कुछ सबसे अधिक दबाव वाली चुनौतियों का एक ठोस समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं। भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की स्वास्थ्य प्रणाली आज 1.3 मिलियन एलोपैथिक डॉक्टरों, आठ लाख आयुष डॉक्टरों और 3.4 मिलियन नर्सों, सहायक नर्स और मिडवाइव्स के कार्यबल द्वारा समर्थित है।

पारंपरिक चिकित्सा में भारत सॉफ्ट पावर : सोनोवाल

आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारत जी-20 अध्यक्षता का विषय एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य लचीली वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के निर्माण के प्रयास में मेडिकल वैल्यू ट्रैवल तथा स्वास्थ्य कार्यबल मोबिलिटी को एक महत्वपूर्ण पहलू के रूप में शामिल करता है। उन्होंने कहा कि भारत पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली में एक सॉफ्ट पावर होने के नाते स्वास्थ्य देखभाल परिदृश्यों में इन खतरनाक परिवर्तनों के शमन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

समग्र दृष्टिकोण की जरूरत : डॉ. पवार

स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य की अवधारणा को एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है और भारत के पास विश्व भर के चिकित्सा मूल्य यात्रियों के कल्याण के उद्देश्य से पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल उपचार या आयुष उपचार प्रस्तुत करने का अनूठा लाभ है। राज्यमंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि भारत वन अर्थ वन हेल्थ का विजन रखता है।

मेडिकल वैल्यू ट्रैवल का लाभ लें : डॉ. टेड्रोस

WHO के महानिदेषक डॉ. टेड्रोस गेब्रेयेसस ने कहा कि मेडिकल वैल्यू ट्रैवल देशों को उनकी राष्ट्रीय क्षमताओं के निर्माण में पूरक के रूप में काम कर सकता है। देश मेडिकल वैल्यू ट्रैवल का लाभ उठाते हुए विशेषज्ञ संसाधन और सेवाएं प्रस्तुत कर सकते हैं जो दुनिया के अन्य हिस्सों में उपलब्ध, किफायती या सुलभ नहीं हो सकती हैं। इसके बाद डॉ. मांडविया ने यूरोपीय संघ, जर्मनी और सऊदी अरब के साथ विभिन्न द्विपक्षीय बैठकें कीं। बैठकों ने सहयोग और साझा प्राथमिकताओं के क्षेत्रों को प्रतिबिंबित करने का अवसर प्रदान किया।

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