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स्वच्छता ही सेवा पाक्षिक अभियान का समापन 2 अक्टूबर को

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग ने पाक्षिक अभियान स्वच्छता ही सेवा (SHS) प्रारंभ किया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में संपूर्ण स्वच्छता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में तेजी लाना है। विशाल सामुदायिक सक्रियता का व्यापक अभियान पुराने अपशिष्ट की सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की गतिविधि के लिए है। इसका समापन 2 अक्टूबर को होगा।

संपूर्ण स्वच्छता पर फोकस

इस वार्षिक अभियान के हिस्से के रूप में राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे समुदाय की सक्रियता और भागीदारी सुनिश्चित करें, खुले में शौच मुक्त (ODF) प्लस गांवों के लिए एक जन आंदोलन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गतिविधियों का आयोजन करें, संपूर्ण स्वच्छ के महत्व का प्रसार करें, सबके काम के रूप में स्वच्छता की अवधारणा को मजबूत करें और ग्राम स्तर पर स्वच्छ भारत दिवस (2 अक्टूबर) मनाएं। यह अभियान 15 सितंबर से शुरू हुआ है।

प्रमुख गतिविधियां

इस अभियान के तहत गांव में आयोजित की जाने वाली प्रमुख गतिविधियों में गांव में पुराने अपशिष्ट स्थलों की सफाई, अपशिष्ट संग्रहण और पृथक्करण शेड/केंद्रों का निर्माण, जलाशयों के आसपास के क्षेत्रों को साफ रखना और उनके आसपास वृक्षारोपण, स्रोत पर अपशिष्ट (सूखा और गीला) के पृथक्करण के लिए सामुदायिक जागरूकता आदि हैं।

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