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देश में खाद का पर्याप्त स्टॉक, डरने की बात नहीं

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर तथा केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने संयुक्त रूप से देष में खाद की मौजूदा स्थिति के बारे में समीक्षा बैठक की। बाद में कहा गया कि मांग से ज्यादा खाद उपलब्ध है। इसको लेकर किसानों को डरने की जरूरत नहीं है।

जमाखोरी, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि ‘यूरिया, डीएपी और एनपीके तथा अन्य उर्वरकों की आपूर्ति में सरकार के सक्रिय प्रयासों के साथ, वर्तमान में, हमारे पास इस खरीफ मौसम के लिए उर्वरकों की आपूर्ति के लिए अपेक्षित मांग की तुलना में अधिक स्टॉक है। उन्होंने राज्यों को सलाह दी कि वे किसानों को उपलब्धता के संबंध में पर्याप्त और सटीक जानकारी प्रदान करते रहें और न तो घबराहट की स्थिति पैदा करें और न ही उर्वरक स्टॉक से संबंधित गलत जानकारी फैलाएँ। उन्होंने जमाखोरी, कालाबाजारी या उर्वरकों के डायवर्जन जैसे कदाचार की समस्या से निपटने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे अनुचित मामले में सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।

कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र एक बड़ी आबादी को रोजगार प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। हम कृषि के लिए सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो हमारे लिए प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। चाहे निवेश, किसान क्रेडिट कार्ड, बीमा योजनाएं, फसल विविधीकरण या बागवानी की बात हो, हमने हमेशा इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए काम किया है। कृषि उत्पादन में, हम हमेशा अग्रणी रहे हैं और एक वैश्विक नेता हैं। उर्वरक कृषि उत्पादन का एक महत्वपूर्ण घटक है और हमारा उद्देश्य विभिन्न उर्वरकों पर आयात निर्भरता को कम करना है।

विभागीय सचिव ने दिया प्रेजेंटेशन

उर्वरक विभाग के सचिव आर. के. चतुर्वेदी ने देश में उर्वरकों की मौजूदा स्थिति की संक्षिप्त जानकारी दी। एक विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से उर्वरक पृष्ठभूमि का आकलन और आपूर्ति, पिछले तीन वर्षों में उर्वरक की खपत, पिछले दो वर्षों में उर्वरकों की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में रुझान, उर्वरकों की प्रति बैग सब्सिडी में वृद्धि और एमआरपी, उर्वरक उपलब्धता आदि मसलों पर रणनीतियों को सुनिश्चित करने में आने वाली प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की गई।

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