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पारंपरिक जड़ी-बूटियां भारत के लिए हरित सोना : पीएम

प्रधानमंत्री ने डॉ. टेड्रोस घेब्रेयसस को गुजराती नाम ‘तुलसी भाई’ दिया

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को गुजरात के गांधीनगर  में वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने साफ कहा कि सरकार देशभर में आयुष उत्पादों को बढ़ावा देने, अनुसंधान और उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए आयुष पार्कों का एक नेटवर्क विकसित करेगी। भारत एक विशेष आयुष वीजा श्रेणी शुरू करेगा, ताकि आयुष थेरेपी के लिए लोग भारत आ सकें।

जड़ी-बूटियां भारत का हरित सोना

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन का विचार उन्‍हें महामारी के समय आया था जब आयुष ने लोगों की रोगों से लड़ने की क्षमता में सुधार किया और आयुष उत्पादों में रुचि एवं मांग में वृद्धि देखी गई। आयुष क्षेत्र में प्रगति कीं जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा-‘यह देखते हुए कि जड़ी-बूटियों का उत्पादन किसानों की आय और आजीविका बढ़ाने का एक अच्छा साधन हो सकता है और इसमें रोजगार सृजन की गुंजाइश हो सकती है।  बहुत जरूरी है कि जड़ी-बूटियों की पैदावार से जुड़े किसानों को आसानी से बाजार से जुड़ने की सहूलियत मिले। इसके लिए सरकार आयुष ई-मार्केट प्लेस के आधुनिकीकरण और विस्तार पर भी काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, ‘‘भारत जड़ी-बूटियों का खजाना है, यह एक तरह से हमारा ‘हरित सोना‘ है।‘‘

अगले 25 साल होंगे स्वर्णिम काल

प्रधानमंत्री ने आयुष उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पिछले वर्षों में किए गए अभूतपूर्व प्रयासों के बारे में बताया कि कुछ वर्षों में विभिन्न देशों के साथ 50 से अधिक समझौता ज्ञापन किए गए हैं। हमारे आयुष विशेषज्ञ भारतीय मानक ब्यूरो के सहयोग से आईएसओ मानक विकसित कर रहे हैं। यह 150 से अधिक देशों में आयुष के लिए एक बड़ा निर्यात बाजार खोलेगा। पीएम ने कहा कि आयुर्वेद की समृद्धि का मुख्य कारण उसका ओपन सोर्स मॉडल है। अगले 25 वर्ष का अमृत काल पारम्परिक औषधियों का स्वर्णिम काल साबित होगा। उन्होंने घोषणा की कि सरकार देश भर में आयुष उत्पादों के प्रचार, अनुसंधान और उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए आयुष पार्कों का एक नेटवर्क विकसित करेगी। ये आयुष पार्क भारत में आयुष निर्माण को नई दिशा देंगे।

पूरी दुनिया भारत की ओर मुखातिब

WHO  के महानिदेषक डॉ. टेड्रोस घेब्रेयसस ने पारम्परिक चिकित्सा में अनुसंधान के लिए डेटा संग्रह की भावना को बढ़ावा देने के लिए आयुष मंत्रालय की प्रशंसा की। आयुष उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग और निवेश को देखते हुए महानिदेशक ने कहा कि पूरी दुनिया भारत आ रही है और भारत पूरी दुनिया में जा रहा है। मॉरीषस के पीएम प्रविंद कुमार जगन्नाथ ने पारम्परिक चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान के लिए भारत और गुजरात की प्रशंसा की। उन्होंने अपने देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के समर्थन का भी उल्लेख किया। उन्होंने मॉरीशस में एक आयुर्वेदिक अस्पताल की स्थापना की जानकारी दी और पहले लॉकडाउन के दौरान पारम्परिक दवाएं देने के लिए भारत को धन्यवाद दिया।

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