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मलेरियारोधी एक और वैक्सीन को WHO की मंजूरी

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मलेरिया की रोकथाम के लिए दूसरी वैक्सीन के इस्तेमाल की सिफारिश कर दी है। यह मच्छरों द्वारा मानव में फैलने वाली कुछ जानलेवा बीमारियों पर अंकुश लगाने में सहायक होगी। दो वर्ष पहले WHO ने दुनिया की पहली मलेरिया वैक्सीन RTS-S की सिफारिश की थी।

अगले साल से होगा उपलब्ध

मीडिया खबरों के मुताबिक WHO प्रमुख टेड्रोस एडनोम घेब्रेयेसस ने जिनेवा में कहा कि मलेरिया रोकने में सहायक R 21 Matrix-M नामक दूसरी वैक्सीन के उपयोग की सिफारिश की जा रही है। R 21 Matrix-M को ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित किया गया है। 2024 की शुरुआत में कुछ अफ्रीकी देशों में इसका उपयोग शुरू किया जाएगा। अन्य देशों में 2024 के मध्य में यह उपलब्ध हो जाएगी। इसकी एक खुराक की कीमत दो और चार डालर के बीच होगी।

सीरम इंस्टीट्यूट करेगा निर्माण

इस संबंध में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कहा कि WHO ने मलेरिया के टीके को मंजूरी दे दी है, जिससे दुनिया के दूसरे ऐसे टीके के वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। NOVAVAX की सहायक तकनीक का लाभ उठाते हुए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (SII) द्वारा विकसित मलेरिया वैक्सीन को डब्ल्यूएचओ द्वारा उपयोग के लिए अनुशंसित किया गया है। इसमें कहा गया है कि वैक्सीन निर्माण के लिए पुणे स्थित SSI को लाइसेंस दिया गया है।

सालाना दो करोड़ डोज का उत्पादन

कंपनी ने पहले ही प्रति वर्ष 2 करोड़ डोज की उत्पादन क्षमता स्थापित कर ली है, जिसे अगले दो वर्षों में दोगुना कर दिया जाएगा। SII के CEO अदार पूनावाला ने कहा कि बहुत लंबे समय से मलेरिया ने दुनिया भर में अरबों लोगों के जीवन को खतरे में डाल दिया है, जो हमारे बीच सबसे कमजोर लोगों को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि WHO की सिफारिश और टीके की मंजूरी मलेरिया से लड़ने में एक बड़ा मील का पत्थर है।

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