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दुनिया के 4 करोड़ बच्चों पर मंडराया खसरे का खतरा

भारत के लिए भी चिंता की बात,  WHO ने किया सावधान

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाने के चक्कर में दुनिया इस कदर व्यस्त हुई कि दुनिया भर के बच्चों का वैक्सीनेशन छूट गया। नतीजा हुआ कि अब बच्चों मे खसरे के खतरे ने एक बार फिर से सिर उठा लिया है। महाराष्ट्र और विशेष तौर पर मुंबई में इन दिनों खसरे का खौफ है। वहां अब तक 13 मौतें हो चुकी हैं।

2.5 करोड़ को नहीं मिली पहली डोज

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आकलन के मुताबिक दुनिया के 4 करोड़ बच्चों ने अपनी खसरे की डोज मिस कर दी। तकरीबन ढाई करोड़ बच्चों को खसरे के टीके की पहली खुराक ही नहीं मिल पाई जबकि डेढ़ करोड़ बच्चों को दूसरी डोज नहीं मिल सकी। 2021 में खसरे के तकरीबन 90 लाख मामले सामने आए थे और 1 लाख 28 हजार मौतें दर्ज हुई थीं। तब 22 देशों में इस बीमारी का आउटब्रेक हुआ था। कोरोना वायरस की वैक्सीनेशन ने खसरे के टीकाकरण को प्रभावित किया और फिर 2022 आते-आते दुनिया के कई हिस्सों में खसरे का प्रसार हो गया। कोरोना के चक्कर में 18 देशों में 6 करोड़ डोज़ या तो मिस हो गई या देरी से लगाई गई।

2008 के बाद कम वैक्सीनेशन

खसरे के वायरस को बेहद खतरनाक वायरस में माना जाता है हालांकि वैक्सीनेशन से इसे पूरी तरह रोका जा सकता है। लेकिन ये वायरस ना फैले, इसके लिए दुनिया की 95 प्रतिशत आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज मिलना जरूरी माना जाता है। सच्चाई यह है किं केवल 81 प्रतिशत बच्चों को खसरे की पहली डोज मिली है और केवल 71 प्रतिशत बच्चे ऐसे हैं जिन्हें दो डोज मिली है। 2008 के बाद इतना कम वैक्सीनेशन दर्ज हुआ है।

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