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एक महीने के आयुर्वेद उत्सव अभियान का हुआ शुभारंभ

8वें आयुर्वेद दिवस की थीम ‘हर दिन सबके लिए आयुर्वेद’

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने देश भर में 8 वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के संबंध में एक महीने तक चलने वाले अभियान का अनावरण किया। आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि के सम्मान में पूरे भारत में आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय न केवल मानव बल्कि पर्यावरण की भलाई को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेद की संभावनाओं का पता लगाता है। आयुर्वेद दिवस-2023 के लिए मुख्य विषय मानव-पशु-पौधे-पर्यावरण इंटरफेस पर ध्यान केंद्रित कर एक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद के रूप में निर्धारित किया गया है।

10 नवंबर को आयुर्वेद दिवस

केंद्रीय मंत्री ने महीने भर चलने वाले समारोह के सम्पूर्ण दृष्टिकोण के बारे में विस्तार से बताया और अब तक किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की क्षमता, समग्र उपचार और स्वस्थ जीवन के विज्ञान का उपयोग कर, एक स्वास्थ्य की चिंताओं को दूर करने के लिए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक क्रांति लाई जा सकती है। इस साल का 8वां आयुर्वेद दिवस 10 नवंबर, 2023 को है। मंत्रालय ने आयुर्वेद दिवस के लिए विभिन्न विषयों को चुना है जिससे आयुर्वेद के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान किया जा सके।

12500 आयुष केंद्रों को मंजूरी

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि एनएएम के तहत कुल 12,500 आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 8095 पहले से ही कार्यरत हैं। महीने भर चलने वाले आयुर्वेद अभियान में आयुर्वेद संस्थानों की प्रदर्शनी, मिनी-एक्सपो, अनुसंधान अध्ययन के शोध परिणामों का प्रसार, मेडिकल कैंप, स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों और कर्मचारियों के लिए जन जागरूकता व्याख्यान, किसानों को आम औषधीय पौधों का वितरण, आम जनता के बीच आयुर्वेद को लोकप्रिय बनाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं, आयुर्वेद और द राइडर्स रैली के लिए दौड़, कई अन्य कार्यक्रम आयोजित होंगे।

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