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लापरवाही से मौत मामले में डॉक्टरों को मिलेगी राहत

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। लोकसभा से पारित कानून के मुताबिक चिकित्सक की लापरवाही से हुई मौत के मामले में डॉक्टरों को दोषी नहीं माना जाएगा। ऐसे में सजा को घटाकर दो साल करने का प्रावधान है जो गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में नहीं आता है। गृह मंत्री अमित शाह ने पुराने आपराधिक कानूनों को बदलने के लिए तीन विधेयकों पर लोकसभा में कहा कि अभी डॉक्टर की लापरवाही से हुई मौत को गैर इरादतन हत्या माना जाता है। मैं डॉक्टरों को इससे मुक्त करने के लिए अब एक आधिकारिक संशोधन लाऊंगा।

मलेरिया के मच्छड़ों को नपुसंक बनाने की तैयारी

दुनिया की खतरनाक बीमारियों में से एक मलेरिया से हजारों लोगों की मौत हो जाती है। अब शोधकर्ता मलेरिया के मच्छरों को नपुंसक बनाने की तैयारी कर रहे हैं। एक अफ्रीकी वैज्ञानिक जीन संपादित तकनीक पर काम कर रहे हैं, जो मलेरिया पैदा करने वाले मच्छरों का संभावित सफाया कर सकती है। शोधकर्ता अब्दुलाये डायबेट नपुसंक बनाने के लिए एक अभिनव तकनीक विकसित कर रहे हैं, जो मलेरिया पैदा करने वाले मादा मच्छरों को उनके जीन में परिवर्तन करके मिटा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छरों के काटने से फैलता है, नर मच्छर से नहीं।

एक दुर्लभ बीमारी यह भी

इंगलैड के राइस विलियम को जन्म के साथ एपिडर्माेलिसिस बुलोसा (EB) अर्थात बटरफ्लाई डिजीज नाम की त्वचा से जुड़ी दुर्लभ बीमारी है। इस वजह से उसकी चमड़ी इतनी पतली है कि पेपर का कोना लग जाए तो खून निकलता है। मामूली सी खुजली से शरीर के लोथड़े बाहर आ सकते हैं। वह अपने पूरे शरीर पर पीड़ादायक घावों के साथ 18 सालों से जी रहा है। मेडिकल साइंस उसका कोई इलाज नहीं खोज सका है। हर बार डॉक्टर यही कहते हैं कि अब जीने के लिए कुछ दिन बचे हैं।

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