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कोरोना से कैसे बच गया भूटान!

कोरोना ने किसी भी देश को नहीं छोड़ा है। लेकिन इसी में एक देश ऐसा है जिसने कोरोना को लगभग हरा दिया है। उस देश का नाम है भूटान। भूटान ने देश-दुनिया के सामने एक नजीर पेश की है। भूटान को इसलिए हैपीनेस कंट्री भी कहा जाता है।

मनीषा शर्मा

 
आज जबकी Covid19 को वैश्विक स्तर पर महामारी घोषित किया जा चुका है। भूटान एक ऐसा देश है जिसने इस महामारी से अपने नागरिकों के बचा लिया है। भारत से सटे होने के बावजूद भूटान में कोरोना का संक्रमण न के बराबर है। भूटान में कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला केस 76 वर्षीय बुजुर्ग में सामने आया था। वह व्यक्ति 2 मार्च को भारत से भूटान पहुंचा था। वहां बुखार होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया। भूटान देश का वह पहला कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति था। ध्यान देने वाली बात यह है कि भूटान दक्षिण एशिया का बड़ा टूरिस्ट प्लेस है। ऐसे में यहाँ बड़ी संख्या में विदेशी लोग आते रहते हैं। इसके बाद भी यहां की स्थिति सामान्य बनी हुई है।

भूटान में हैं महज 5 कोरोना के मरीज

भूटान सरकार की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक देश में अब तक 5 लोगों को ही कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है जिसमें दो लोग ठीक हो चुके हैं। इस खतरनाक महामारी से अभी तक किसी की भी जान नहीं गई है। इस महामारी की जांच करने के लिए देश में 46 क्लीनिक मौजूद है। 7 अप्रैल,2020 तक 31539 लोगों की जांच की जा चुकी है।

एशिया का एक छोटा देश है भूटान

भूटान हिमालय पर बसा दक्षिण एशिया का एक छोटा और महत्वपूर्ण देश है। यह चीन और भारत के बीच स्थित भूमि आबद्ध देश है। साथ ही सांस्कृतिक और धार्मिक तौर से चीन से जुड़ा है। लेकिन भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनजर वर्तमान में यह देश भारत के करीब है। कुछ लोगों का मानना है कि भूटान देश का नाम भूटान संस्कृत के उत्थान से बना शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है ऊंची भूमि। यहां की जलवायु उष्णकटिबंधीय है, देश का लगभग 70% हिस्सा वनों से घिरा हुआ है। ज्यादातर आबादी देश के मध्यवर्ती हिस्सों में रहती है।

8 लाख जनसंख्या वाले देश में 71 फीसद  आबादी साक्षर है

यहां पर पारंपारिक राजतंत्र है। 2017 की जनसंख्या के अनुसार भूटान की जनसंख्या 8,07,610 है। भूटान की वार्षिक जनसंख्या वृद्धि दर 1.2% है। देश की साक्षरता दर 71.4 फीसद है। साथ ही भूटान हैप्पीनेस देश के नाम से भी जाना जाता है, यहां की सरकार साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देती है।

कोरोना को रोकने के लिए भूटान ने उठाया सख्त कदम

भूटान में सख्त पॉलिसी बनाई गई है। जिसके अंतर्गत वायरस से संक्रमित सभी लोगों की निगरानी की जा रही है ताकि वह किसी स्वस्थ व्यक्ति के संपर्क में ना आए और 31 मार्च से 21 दिनों के लिए कोरंटाइन अवधि बढ़ाने का फैसला किया गया है। यहां दो तरह का कोरंटिन सेंटर है। एक तो घर में दूसरा सरकारी जो कि लॉक डाउन का ही एक रूप है। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए भूटान सरकार ने पहले ही अपनी सीमाएं बंद कर दी थी, केवल खाने पीने की चीजों को ही देश की सीमा में आने की अनुमति थी।
 

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