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कोरोना संक्रमण और उससे मौत में भारत दूसरे स्थान पर

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। कोरोना अब भले ही जानलेवा नहीं लग रहा हो लेकिन आंकड़े बताते हैं कि संक्रमण और मौत के मामलों में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। टॉप पर अमेरिका है। वहां इस साल 12 जनवरी तक कोरोना से 110,462,560 लोग संक्रमण के शिकार हो चुके हैं तो मृतकों की संख्या 1,191,815 है। वहीं भारत में अब तक कोरोना के कुल 45,020,333 मामले मिले और मरने वालों की आधिकारिक संख्या 533,409 है। फ्रांस, जर्मनी, ब्राजील, दक्षिण कोरिया, जापान और इटली का नंबर भारत के बाद ही है।

JN.1 ने बढ़ाई फिर से चिंता

साल 2023 को देखें तो में भारत में कोरोना की रफ्तार काफी नियंत्रित रही, हालांकि साल खत्म होते-होते कई राज्यों में नये वैरिएंट JN.1 संक्रमण के मामलों में भारी उछाल आया। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 12 राज्यों में JN.1 वैरिएंट से 11 जनवरी तक 827 संक्रमितों की पुष्टि की जा चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार JN.1 की प्रकृति काफी संक्रामक है और ये शरीर में बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा देकर लोगों में संक्रमण बढ़ाने का कारण बन सकता है।

Delta वैरिएंट से सबसे ज्यादा मौतें

भारत में कोरोना की दूसरी लहर को अब तक का सबसे घातक माना जाता रहा है। इसमें मुख्य रूप से कोरोना के डेल्टा वैरिएंट का प्रभाव देखा गया। अल्फा-बीटा वैरिएंट की पहली लहर के बाद नवंबर 2020 से फरवरी 2021 के बीच मामलों में थोड़ी गिरावट आई हालांकि इसके बाद साल 2021 में डेल्टा वैरिएंट के कारण आई लहर ने स्वास्थ्य सेवाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। डेल्टा वैरिएंट से संक्रमण से सांस की समस्या, आईसीयू-वेंटिलेटर की सबसे ज्यादा जरूरत महसूस की गई। अप्रैल से जुलाई तक की चार महीने की अवधि में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई।

2022 से Omicron ने बढ़ाया खतरा

डेल्टा के बाद गामा और फिर ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण देश में कोरोना के मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। पिछले दो साल से देश में ओमिक्रॉन और इसके कई म्यूटेशन से उत्पन्न सब-वैरिएंट्स समय-समय पर स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ाते हुए देखे गए हैं। इन दिनों बढ़ रहे कोरोना के संक्रमण के लिए जिम्मेदार माना जाने वाला JN.1 भी ओमिक्रॉन के ही एक अन्य वैरिएंट BA.2.86 का रूप है।

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