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मुफ्त दवा का विकल्प बनेगी स्वास्थ्य बीमा योजना

जयपुर
— मुफ्त दवा का विकल्प बनेगी स्वास्थ्य बीमा योजना
— स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल लोगों को नहीं मिलेगी मुफ्त दवा
— स्वास्थ्य बीमा वाले निजी अस्पतालों में भी इलाज करवा सकेंगे
— एक करोड़ परिवार आएंगे स्वास्थ्य बीमा योजना में
— चार करोड़ से ज्यादा लोग आएंगे स्वास्थ्य बीमा के दायरे में
— खाद्य सुरक्षा के पात्र परिवार ही स्वास्थ्य बीमा के पात्र होंगे
— राज्य से बाहर के मरीजों को भी मुफ्त दवा नहीं मिलेगी

भामाशाह कार्ड योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा
भामाशाह कार्ड योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा

जयपुर। सरकार की दूसरी वर्षगांठ के दिन से शुरु हो रही भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के लागू होने के बाद मुफ्त दवा योजना का दायरा घटाने की तैयारी कर ली गई है। स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल परिवारों को मुफ्त दवा नहीं मिलेगी। स्वास्थ्य बीमा वाले लोगों को अलग से कार्ड जारी किया जाएगा। स्वास्थ्य बीमा वाले निजी और सरकारी दोनों ही अस्पतालों से अपना इलाज करवा सकेंगे। इस व्यवस्था के लागू होने से मुफ्त दवा योजना का दायरा अपने आप कम हो जाएगा।
भामाशाह स्वस्थ्य बीमा योजना में वे ही परिवार पात्र होंगे जो खाद्य सुरक्षा योजना में पात्र हैंं। आयकर देने वाले, एक लाख से ज्यादा सालाना आमदनी वाले और सरकारी कर्मचारी इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे। सरकार एक करोड़ परिवारों का स्वास्थ्य बीमा कर रही है, जिसमें चार करोड़ से ज्यादा लोग दायरे में आएंगे। इसका सीधा सा मतलब यह निकाला जा रहा है कि इस योजना के लागू होने के बाद चार करोड़ लोगों के इलाज का खर्च सरकार बीमा कंपनियों से वसूल करेगी। मुफ्त दवा योजना का विकल्प स्वस्थ्य बीमा योजना को बनाया जा रहा है।
इस योजना के लागू होने के बाद प्रदेश के बाहर के मरीजों को मुफ्त दवा नहीं मिलेगी। अभी सभी मरीजों को मुफ्त दवा मिल रही है लेकिन अब बाहर के मरीजों को इसके दायरे से निकालने की तेयारी है। स्वास्थ्य बीमा में साधारण बीमारी पर 30 हजार रुपए और गंभीर बीमारी पर तीन करोड़ रुपए तक का इलाज मुफ्त में होगा, मतलब यह है कि इसका खर्च बीमा कंपनियां उठाएंगी। लेकिन इस योजना के लागू होने के बाद अस्पतालों में बीमा करवा चुके लोगों की कागजी औपचारिकताओं में उलझने का खतरा बढ गया है। अगर सरकारी अस्पतालों में ढंग से काउंटर नहीं खुले तो इसका हाल भी बाकी की सरकारी स्कीम्स की तरह हो सकता है।
 
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