स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार / News

फार्मासिस्ट द्वारा संचालित दवा दुकान पर बदलने लगे बोर्ड ।

फार्मासिस्ट संचालित मेडिकल स्टोर पर अब ऐसे दिखेंगे बोर्ड
फार्मासिस्ट संचालित मेडिकल स्टोर  बोर्ड

नई दिल्ली/
फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 हाल में ही लांच हुवा है । इसे लेकर फार्मासिस्टों की बीच ख़ुशी की लहर है। फार्मेसी कॉउंसिल ऑफ़ इंडिया की सचिव अर्चना मुगदल ने बताया की अब फार्मासिस्ट भी प्रेक्टिस कर सकते हैं । दवा की खुराक और अन्य जानकारी मरीज़ को दे सकते है। यह मरीज़ की काउंसलिंग का हिस्सा है । इसके एवज़ में परामर्श शुल्क लिए जा सकते है। हालाँकि उन्होंने प्रेस्क्रिप्सन लिखने की अटकलों पर विराम लगाया कहा की प्रिस्क्रिप्सन लिखना फार्मासिस्ट के अधिकार छेत्र के बाहर है अगर कोई फार्मासिस्ट ऐसा कर रहे तो गलत है ।
कुछ संगठनों ने इसपर आपत्ति करते हुवे इसे महज़ स्टंट बताया है । सिंघभूम फार्मासिस्ट एसोसिएशन, जमशेदपुर के अध्यक्ष धर्मेंदर सिंह ने कहा जहाँ देश भर में ज्यादातर दवा दुकान में फार्मासिस्ट उपस्थित नहीं रहते ऐसे में फार्मासिस्ट प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 का यह नियम समझ के बाहर है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया को चाहिए की पहले फार्मेसी एक्ट 1948 को सही सही धरातल पर उतारने की कोशिश करे । जो फार्मासिस्टों की मूल समस्या है ।
इधर मध्य प्रदेश और यूपी के ज्यादातर फार्मासिस्टों ने अपने मेडिकल शॉप पर लगे साइन बोर्ड बदलना शुरू कर दिया है। फार्मेसी चला रहे ज्यादातर फार्मासिस्टों ने बोर्ड पर फार्मा क्लिनिक या क्लीनिकल फार्मेसी लिखना शुरू कर दिया है ।
फार्मासिस्ट फाउंडेशन के संस्थापक अमित श्रीवास्तव ने आमजन से अपील की है की दवा लेने के पहले सुनिश्चित कर लें की दवा बाँट रहा व्यक्ति फार्मासिस्ट है या कोई और।  दवा से संबंधित कोई भी जानकारी फार्मासिस्ट से ली जा सकती है ।
स्वास्थ्य जगत से जुडी खबरों से अपडेट रहने के लिए आप स्वस्थ भारत अभियान के पेज से जुड़ सकते है ।
 

Related posts

खुशखरीः कोविड-19 से ऐसे लड़ेंगे डॉक्टर

Ashutosh Kumar Singh

जम्मू में शुरू हुआ उत्तर भारत का पहला अंतरिक्ष केंद्र

admin

स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत भविष्य के लिए तैयार : मांडविया

admin

Leave a Comment