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लॉकडाउन समय से नहीं होता तो इतने हजार लोग होते कोविड-19 संक्रमित

डॉ. हर्षवर्धन इस रिपोर्ट मेंं कोविड-19 पर लेटेस्ट अपडेट दे रहे हैैंैं

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कोविड-19 पर यह अपडेट किया है। उन्होंने यह रपट अपने फेसबुक पर साझा किया है। यहां  भी पढ़ें…

 

नई दिल्ली/ एसबीएम

 

देश में 80 जिले ऐसे हैं जिन्होंने पिछले 14 दिनों में कोविड-19 का कोई नया मामला दर्ज नहीं किया गया है। देश में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है। हम अच्छी तरह जानते हैं कि हमारा दुश्मन कहां छिपा हुआ है। हम उन स्थानों पर समुचित रणनीति अपना रहे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि हम कोविड पर अवश्य जीत दर्ज करेंगे। कोविड से निपटने की तैयारी और समीक्षा के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय और एनसीडीसी ने आज संयुक्त प्रेस वार्ता में कोरोना वायरस को लेकर कई तथ्य सामने रखे हैं।

आयुर्वेदाचार्यों ने कहा कोरोना को आयुर्वेद हरा सकता है

यह खबर गलत है

गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि जो क्षेत्र कंटेंनमेंट या हॉट स्पॉट नहीं है वहां 20 अप्रैल से कुछ गतिविधियों की अनुमति दी गई है। लेकिन गलत व्याख्या की वजह से आशंका थी कि फैक्ट्री में कोविड केस मिलने पर फैक्ट्री के CEO को सज़ा हो सकती है या फैक्ट्री 3 महीने के लिए सील हो सकती है। इसलिए कल गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि 15 अप्रैल को जारी दिशा-निर्देशों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि मरीजों का रिकवरी रेट 20.57 प्रतिशत हो गया है। पिछले 28 दिन से 15 जिलों में कोई नया केस सामने नहीं आया है। अभी तक 80 जिलों में पिछले 14 दिन से नया मामला सामने नहीं आया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोई भी शिकायत मिलने पर हमारी रैपिड एक्शन टीम तुरंत हरकत में आ जाती है। ये हाउस टू हाउस सर्च करती है, और इसका डाटा रिकॉर्ड किया जाता है। मरीजों का उपचार होने तक उसकी निगरानी चलती रहती है, 28 दिनों तक निगाह रखी जाती है।
गृह मंत्रालय ने कहा है कि कुछ आर्थिक गतिविधियों की अनुमित इस आधार पर दी गई है कि लॉकडाउन नियमों, सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन हो। छह अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीमों के गठन के अलावा गृह मंत्रालय ने आज चार और टीमों का गठन किया है। इन टीमों को एडिशनल सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी देख रहे हैं।

उज्ज्वल भविष्य के लिए जरूरी है नई कार्य-संस्कृति अपनाना

9 लाख 45 हजार लोगों को सर्विलांस पर रखा गया है

नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ. सुजीत सिंह जी ने कहा कि कोविड 19 से लड़ने में फिलहाल सर्विलांस हमारा प्रमुख हथियार है। उन्होंने कहा कि देश में कोविड-19 के मरीजों की डबलिंग दर 9 दिन तक पहुंच गई है, ये दिखाता है कि जो महामारी तेज गति से फैल रही थी उस पर हम किस हद तक अपने प्रयासों से रोक लगा पाए हैं। लॉकडाउन के कारण कोरोना वायरस के मामले कम हुए हैं। सर्विलांस सिस्टम के जरिए करीब 9 लाख 45 हजार लोगों पर नजर रखी गई है। सर्विलांस सिस्टम ने प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए रखी। अगर समय से लॉकडाउन नहीं होता तो अबतक करीब 73 हजार केस होते।

 

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