स्वस्थ भारत मीडिया
कोविड-19 / COVID-19

कोरोना योद्धाः मिलिए इंसानियत के सिपाहियों से

वरिष्ठ पत्रकार पंकज चतुर्वेदी ने अपने फेसबुक वाल पर इंसानियत के सिपाहियों की कहानी साझा की है। उस कहानी को हम अपने पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहे हैं

नई दिल्ली/एसबीएम
इस कोरोना काल में हम सबके प्रिय डॉक्टर राकेश पाठक ग्वालियर में जो कर रहे हैं वह अनुकरणीय है। काश ऐसी हिम्मत, समर्पण और समय हम सब दे पाते। डॉ पाठक और उनकी टीम ने झांसी से ग्वालियर जाने वाले बाईपास पर सिरहोल नाके के पास में एक बंद पड़े ढाबे का सहारा लिया। यह ढाबा “विरासत ढाबे” के नाम से है। लॉक डाउन के कारण बन्द है। बहुत बड़ा परिसर है और इसके संचालक गोपाल सिंह गुर्जर जी की पास में ही सोनालिका ट्रैक्टर एजेंसी और खेत हैं।
एक युवा अधिवक्ता अमी प्रबल और आरक्षक अर्चना कंसाना ने यह पहल की। फिर राकेश जी ने इस समूह को “इंसानियत के सिपाही” नाम दे दिया। डॉ राकेश पाठक व उनकी टीम ने ढाबे पर सड़क से जाने वाले उन सभी प्रवासी मजदूरों के भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता की व्यवस्था की है जो लोग सरकार से अपनी उम्मीद खो चुके हैं। हर दिन सैकड़ों लोग आते हैं उनके लिए गोपाल सिंह जी के खेत में से बनकर खाना आता है।वह लोग यहां पर आराम भी करते हैं। उन्हें पानी दिया जाता है, अब महिलाओं के लिए सेनेटरी पैड जैसी चीजों की भी व्यवस्था है। जो लोगों को देर रात हो जाती है उनको यहां रोक भी लिया जाता है। डॉ राकेश पाठक की पूरा काम अपनी टीम के साथ अपने खर्चे पर कर रहे हैं।

यह भी पढ़ेंःकोरोना योद्धाः बिहार के इस एएसपी ने बदल दी जिले की तस्वीर

काश इस तरह के कैंप हर गांव कस्बे के बाहर लगे होते। यह विडंबना है कि कांवड़ यात्रा के नाम पर जिसमें अधिकांश लफंगे शामिल होते हैं, उसके लिए जगह-जगह भंडारे हेलीकॉप्टर से फूल फेंकने तक का काम होता है, लेकिन मजदूर ; जो हिंदुस्तान की आवाज हैं, बल्कि हिंदुस्तान की ताकत हैं, जिनके दम पर हिंदुस्तान की जीडीपी और विकास के नारे दौड़ते हैं- उनके लिए राकेश पाठक सरीखे लोगों के अलावा बहुत कम लोग काम करते हैं। राकेश पाठक जी और उनकी टीम को सादर प्रणाम!

यह भी पढ़ेंः कोरोना योद्धाः पुणे की हेमलता मांग-मांग कर भर रही हैं गरीबों का पेट

यदि आप ऐसे लोगों के सम्पर्क में है जो रास्ते पर है टी इस स्थान की सूचना दें। झांसी, डबरा, दतिया टेकनपुर आदि के मित्र इस स्थान की सूचना के पोस्टर अपने बायपास पर लगा सकते हैं। ग्वालियर के साथी वहां पहुंचें साथ में रुई पट्टी डिटोल, सेनेटाइजर साथ ले कर पहुंचें।

Related posts

AYUSH reiterates immunity boosting measures for self-care during COVID 19 crises

Ashutosh Kumar Singh

19 दिनों के लिए भारत में लॉकडाउन बढ़ा, जाने पीम ने क्या कहा

Ashutosh Kumar Singh

कुल कोरोना टीकाकरण 5.31 करोड़ के पार हुआ

Ashutosh Kumar Singh

Leave a Comment