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चिंता की बात : टीकाकरण में गिरावट पर स्वास्थ्य मंत्रालय चिंतित

जून में दो महीने तक चलने वाला ‘हर घर दस्तक 2.0’ शुरू होगा
कोरोना वैक्सीन की बर्बादी रोकने का आग्रह

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना टीकाकरण की काफी धीमी गति पर चिंता व्यक्त की है। अब मंत्रालय ने राज्यों से वैक्सीन की बर्बादी रोकने और पूर्ण टीकाकरण की गति में तेजी लाने का आग्रह किया है। अगले महीने से हर घर दस्तक 2.0 योजना भी पुनः लाॅंच हो रही है जो दो माह तक चलेगी।

हर घर दस्तक दो माह के लिए

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस बारे में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों और एनएचएम एमडी के साथ कोविड टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा करने के बाद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सूचना दी है। उन्होंने देश भर में टीकाकरण की गति में तेजी लाने के लिए एक गहन ‘मिशन मोड‘ की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए जून-जुलाई के दौरान दो महीने तक चलने वाले ‘‘हर घर दस्तक‘‘ अभियान 2.0 की विस्तृत योजना बनाने की सलाह दी है जिसमें जिला, प्रखंड और ग्राम स्तर पर टीकाकरण की विस्तृत योजना हो। ‘हर घर दस्तक‘ अभियान 2.0 का उद्देश्य अलग-अलग अभियानों के जरिए घर-घर जाकर पात्र लोगों को पहले, दूसरे और एहतियाती खुराक देकर उनका पूर्ण टीकाकरण करना है जिसमें वृद्धाश्रमों, स्कूल-कॉलेजों के लिए केंद्रित अभियान शामिल हैं। इसमें स्कूल के बाहर के बच्चे (12-18 वर्ष), जेलों, ईंट भट्ठों, आदि में काम करने वालों का भी टीकाकरण शामिल है। इसमें 60 वर्ष या इससे अधिक की आयु के लोगों के लिए एहतियाती खुराक देना शामिल है, जो इसके अभाव में बीमारी की चपेट में जल्द आ सकते हैं।

बर्बाद न हो वैक्सीन

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी संचार रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्र के असरदार लोगों, सामुदायिक नेताओं, अभिनव अभियानों आदि पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। वैक्सीन एक अनमोल राष्ट्रीय संसाधन है इसलिए किसी भी कीमत पर टीकों की बर्बादी न हो। यह सक्रिय निगरानी के माध्यम से और फस्र्ट एक्सपायरी फस्र्ट आउट सिद्धांत का पालन हो। उन्होंने जोर देते हुए दोहराया कि किसी भी परिस्थिति में किसी भी टीकाकरण केंद्र या राज्य सरकार को विदेश यात्रा पर जाने से पहले एहतियाती खुराक की मांग करने वालों से विदेश यात्रा के किसी भी दस्तावेजी प्रमाण के लिए जोर नहीं देना चाहिए।

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