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कोविड-19 पर GoM की 15वींं  बैठक की रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री ने किया जारी…

कोविड-19 पर GoM की 15वींं  बैठक की रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री ने किया जारी...

इस बैठक में सर्वाधिक संक्रमित और अधिक मृत्युदर वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिए जाने पर दिया गया जोर। पढ़िए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की रिपोर्ट

 

नई दिल्ली/16 मई/ एसबीएम

कोविड-19 पर जारी जंग के बीच समय-समय पर की जाने वाली समीक्षा के क्रम में उच्च स्तरीय मंत्री समूह (GoM) की 15 वीं बैठक मेरी अध्यक्षता में संपन्न हुई। नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्माण भवन स्थित मेरे कार्यालय में इसका आयोजन किया गया।

बैठक में विश्वस्तर पर और देश के भीतर कोविड-19 मामलों की वर्तमान स्थिति पर एक विस्तार से प्रस्तुति दी गई। दुनिया भर में कोविड-19 के संक्रमित मामलों की कुल संख्या 42,48,389 है। इनमें से 2,94,046 लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई है जबकि मृत्युदर 6.92% आंकी गई है।

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इधर, भारत में कोविड-19 संक्रमित मामलों की कुल संख्या 81,970 हो गई है। इनमें से अब तक कुल 27,920 लोग ठीक हो चुके हैं और 2,649 लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई है। देश में कोरोना से होने वाली मृत्युदर का प्रतिशत 3.23% के आसपास बना हुआ है। कोरोना के मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 34.06% पहुंच गई है। लॉकडाउन से पहले डबलिंग दर 3.4 थी जो पिछले सप्ताह में 12.9 दिनों तक पहुंच गई।

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GoM में कोविड-19 की रोकथाम रणनीति और प्रबंधन पहलुओं के साथ-साथ केंद्र और विभिन्न राज्यों द्वारा किए जा रहे उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया। जीओएम को सूचित किया गया कि 30 नगरपालिका क्षेत्रों में देश में कोविड-19 के कुल मामलों के 79% मामले हैं।

GoM  ने इस बात पर भी विचार विमर्श किया कि कोविड-19 प्रबंधन रणनीति का ध्यान उन राज्यों पर अधिक होना चाहिए जहां कोरोना के सबसे अधिक संक्रमित मामले मिले हैं और जहां पर कोरोना से होने वाली मृत्युदर भी अधिक है।

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इसके लिए उपचार पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ मृत्यु दर को कम करने के प्रबंधन पर बल देना चाहिए। जिसके लिए संक्रमित मरीजों का समय से पता लगना और समय से ही संपर्क ट्रेसिंग हो जाना सबसे बढ़िया रास्ता है।

GoM ने प्रवासी मजदूरों और विदेश से लौटने वाले लोगों की वजह से विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा की।

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GoM को यह भी अवगत कराया गया कि कोविड-19 के बेहतर और प्रभावी प्रबंधन के लिए कोरोना के संकेतों, मूल कारणों और उस पर अपनाई जाने वाली रणनीति के बारे में भारत सरकार की ओर से जारी विभिन्न सिफारिशों को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विभिन्न राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों को पहले ही बताया जा चुका है।

देश में बढ़ते मेडिकल बुनियादी ढांचे के बारे में भी GoM को जानकारी दी गई। देशभर कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए अब कुल समर्पित 8,694 स्वास्थ्य रक्षा सुविधाएं हैं, जिनमें 919 समर्पित कोविड अस्पताल, 2,036 समर्पित हेल्थ सेंटर तथा 5,739 कोविड केयर सेंटर शामिल हैं। इनमें कुल मिलाकर 2,77,429 बेड्स हैं।

इसके अलावा 5,15,250 आइसोलेशन बेड्स और 29,701 आईसीयू बेड्स भी उपलब्ध हैं। जबकि वेंटिलेटर्स की कुल उपलब्धता 18,855 हैं।

केंद्र ने राज्यों, संघशाषित प्रदेशों और केंद्रीय संस्थानों को 84.22 लाख एन-95 मास्क और 47.98 लाख व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) भी प्रदान किए हैं। जीओएम को यह भी बताया गया कि घरेलू निर्माताओं की PPE की उत्पादन क्षमता प्रति दिन लगभग 3 लाख और N-95 मास्क भी करीब 3 लाख प्रति दिन तक पहुँच चुके हैं। जो निकट भविष्य में देश की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा, घरेलू निर्माताओं द्वारा वेंटिलेटर्स का भी निर्माण शुरू हो गया है और ऑर्डर भी दे दिए गए हैं।

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ICMR के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव, ने GOM को सूचित किया कि देश में परीक्षण क्षमता 509 सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं के माध्यम से 1,00,000 परीक्षण प्रति दिन हो गई है। अब तक देश में कुल मिलाकर 20 लाख परीक्षण किए जा चुके हैं। परीक्षण सुविधा में तेजी लाने के लिए एडवांस मशीनें भी मंगवाई गई हैं।

इस बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्री, श्री हरदीप सिंह पुरी जी, विदेश मंत्री, डॉ एस जयशंकर जी, गृह राज्य मंत्री, श्री नित्यानंद राय जी, जहाजरानी और रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री, श्री मनसुख लाल मंडाविया जी, और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री, श्री अश्विनी कुमार चौबे जी के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ श्री बिपिन रावत जी भी मौजूद थे।

 

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