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स्वास्थ्य मंत्री की अपील, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ घर पर ही मनाएं वैसाखी!

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने वैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखना जरूरी है। अतः सभी इसका अनुपालन करें।

आशुतोष कुमार सिंह

नई दिल्ली/13 अप्रैल
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने देशवासियों से अपील की है कि वे सोशल डिस्टेंसिंग के साथ वैसाखी पर्व घर पर ही मनाएं। अपने फेसबुक पेज पर इसकी जानकारी देते हुए श्री हर्षवर्धन ने लिखा है  कि, ‘आजकल कोविड महामारी के मद्देनजर आप से मेरा विनम्र आग्रह है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लॉकडाउन के आह्वान के नियमों का सख्ती से पालन करते हुए घरों के अंदर ही रहें और घर पर भी सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए बैसाखी मनाएं तथा मानवता पर आए इस विकट सकंट को दूर करने में समाज और देशहित में अपना बहुमूल्य योगदान दें।

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इस पर्व की महत्ता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा है कि, ‘बैसाखी’ पर्व को सम्पूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाता है किन्तु पंजाब एवं हरियाणा में इसका विशेष महत्त्व है। बैसाखी मुख्यतः कृषि पर्व है। यह त्यौहार फसल कटाई के आगमन के रूप में मनाया जाता है।सिख भाइयों के लिए यह पर्व मात्र फसल कटाई आगमन का द्योतक ही नहीं बल्कि सिख भाईचारे और एकता का प्रतीक भी है। वर्ष 1699 में इसी दिन अंतिम सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखों को खालसा के रूप में संगठित कर खालसा पंथ की स्थापना करी थी।

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सामान्य दिनों में तो बैसाखी पर्व के दिन समस्त उत्तर भारत की पवित्र नदियों में स्नान करने का महात्म्य माना जाता है। बैसाखी के पर्व पर लोग नए कपड़े धारण करते हैं। वे घर में हलवा एवं अन्य प्रिय व्यंजनों को बनाते हैं। बैसाखी के पर्व पर लगने वाला बैसाखी मेला बहुत प्रसिद्द है। इस दिन सिख भाई गुरुद्वारों में विशेष उत्सव मनाते हैं। सिख इस त्यौहार को विशेष तरीके से मनाते हैं। वे गुरुद्वारों में जाकर दर्शन करते हैं और पवित्र ग्रन्थ का पाठ करते हैं।

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डॉ. हर्षवर्धन जी के अपील की सराहना करते हुए स्वस्थ भारत (न्यास) के ट्रस्टी धीप्रज्ञ द्विवेदी का कहना है कि आज मानवता संकट में है। ऐसे में सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करना ही हम सभी का कर्तव्य है।
 
 

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